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बिहार के लोगों को अब झारखंड में आरक्षण का लाभ नहीं, झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Mon, 24 Feb 2020 10:20 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
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सांकेतिक तस्वीर
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झारखंड होईकोर्ट ने आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार, राज्य में अब बिहारियों को किसी भी प्रकार का आरक्षण नहीं दिया जाएगा। हाईकोर्ट की उच्च पीठ के दो जजों ने इस संबंध में सोमवार को अपना फैसला सुनाया। फैसले के अनुसार, यह व्यवस्था बिहार के सभी मूल निवासियों पर लागू होगी। हालांकि, फैसला सुनाने वाले हाईकोर्ट के इस उच्च पीठ के एक जज का आदेश बाकि दोनों जजों के आदेश से अलग था। 

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पीठ के दो न्यायाधीशों ने एक मत से यह फैसला सुनाया, वहीं पीठ का नेतृत्व कर रहे न्यायमूर्ति एचसी मिश्र ने इससे असहमति जताई और कहा कि राज्य बनने से पहले से बिहार से यहां आकर रह रहे लोगों को भी राज्य की सेवा में आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।

इस पीठ में न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति बीबी मंगलमूर्ति भी थे। सबसे पहले, पीठ का नेतृत्व कर रहे न्यायमूर्ति एचसी मिश्र ने अपना आदेश पढ़कर सुनाया। उन्होंने अपने आदेश में कहा कि प्रार्थी एकीकृत बिहार के समय से ही झारखंड क्षेत्र में रह रहा है, इसलिए उसे आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
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उन्होंने यह कहते हुए राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया और प्रार्थियों को नौकरी में बहाल करने का आदेश दिया।

इसके बाद न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह ने अपना आदेश पढ़ते हुए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बीर सिंह के मामले में दिए गए आदेश का हवाला दिया और कहा कि एक राज्य का निवासी दूसरे राज्य में आरक्षण का हकदार नहीं होगा। यही आदेश बीबी मंगलमूर्ति का भी था। इसके बाद दोनों जजों ने प्रार्थियों की अपील को खारिज करते हुए सरकार के पक्ष को सही माना।

इससे पूर्व सुनवाई के दौरान पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार ने पीठ को बताया था कि एकीकृत बिहार के समय से अथवा 15 नवंबर 2000 से राज्य में रहने के बाद भी वैसे लोग आरक्षण के हकदार नहीं होंगे जिनका ओरिजिन (मूल) झारखंड नहीं होगा। आरक्षण का लाभ सिर्फ उन्हें ही मिलेगा जो झारखंड के मूल निवासी होंगे।

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