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Jharkhand: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को एसिड पीड़िता का इलाज कराने का दिया आदेश, पुलिस को जारी किया समन

Thu, 06 Apr 2023 03:03 AM IST
वीरेंद्र शर्मा पीटीआई, रांची

सार

ममता देवी और 12 अन्य को रामगढ़ कोर्ट ने दिसंबर 2022 में दोषी पाया और पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने राज्य सरकार और रिम्स को एसिड पीड़िता के पुनर्वास एवं उपचार के लिए उठाए गए कदमों से अवगत कराने और इलाज सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बुधवार को राज्य सरकार और राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) को हजारीबाग की एसिड पीड़िता के पुनर्वास एवं उपचार के लिए उठाए गए कदमों से अवगत कराने और इलाज सुनिश्चित करने का आदेश दिया। मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा और न्यायाधीश आनंद सेन की पीठ पीड़िता की दुर्दशा पर अदालत द्वारा स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पीड़िता को कथित तौर पर तेजाब पीने के लिए मजबूर किया गया था। कोर्ट ने इचाक पुलिस थाने के जांच अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और मामले में जांच की स्थिति से अवगत कराने के लिए भी समन जारी किया। कोर्ट इस मुद्दे पर 10 मई को फिर से सुनवाई करेगी। 
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हजारीबाग के एक स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 वर्षीय पीड़िता को आरोपी ने कथित तौर पर तेजाब पीने के लिए मजबूर किया जो उसे काफी समय से तंग कर रहा था। आरोपी के प्रस्ताव को ठुकराने पर पीड़िता को 19 दिसंबर 2019 को तेजाब पीने के लिए मजबूर किया, जिसके बाद उसके मुंह से काफी खून बहने लगा। उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे रिम्स रेफर कर दिया गया। बाद में उसके माता-पिता उसे बेहतर इलाज के लिए एम्स, पटना ले गए थे। हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पीठ के समक्ष पेश हुए और बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आरोपी का एक पॉलीग्राफ टेस्ट भी किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि आरोप बहुत गंभीर हैं और पुलिस सही भावना से जांच नहीं कर रही है।

हाईकोर्ट ने हिंसा भड़काने के मामले में पूर्व विधायक को दी जमानत
झारखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को रामगढ़ की पूर्व विधायक ममता देवी को जमानत दे दी। पूर्व विधायक को कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर एक निजी औद्योगिक इकाई के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन करने के लिए प्रदर्शनकारियों को भड़काने के आरोप में दोषी ठहराया गया था और वह सलाखों के पीछे थीं। ममता देवी और 12 अन्य को रामगढ़ कोर्ट ने दिसंबर 2022 में दोषी पाया और पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। जज नवनीत कुमार की अदालत ने सजा के खिलाफ ममता देवी की अपील पर सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
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यह था पूरा मामला 
2016 में एक निजी औद्योगिक फर्म में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई थी। मामले में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, ममता देवी ने 160 ग्रामीणों को भूमि अधिग्रहण के मुद्दों पर फर्म के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन करने के लिए भड़काया था। विधायक के खिलाफ भीड़ को उकसाने और पुलिस के काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया। उसके बाद निचली अदालत ने उन पर मुकदमा चलाया गया और दिसंबर 2022 में उन्हें दोषी ठहराया गया। आजसू पार्टी की उम्मीदवार सुनीता चौधरी ने मार्च में रामगढ़ सीट पर उपचुनाव जीता था। मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद देवी की अयोग्यता के कारण उपचुनाव कराया गया। 
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