झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया है। अदालत ने 20 नवंबर तक टेक्निकल बिड फाइनल करने और तरुण महतो कस्टडी प्रताड़ना मामले में जेल अधीक्षक की रिपोर्ट हलफनामे के रूप में दाखिल करने को कहा है।
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झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सभी पुलिस थानों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 20 नवंबर तक टेक्निकल बिड फाइनल करने का स्पष्ट निर्देश दिया है। इसके साथ ही, अदालत ने बहुचर्चित तरुण महतो कस्टडी प्रताड़ना मामले में जेल अधीक्षक की रिपोर्ट को हलफनामे के रूप में कोर्ट के रिकॉर्ड पर दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी।
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टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने का आदेश
चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने इस महत्वपूर्ण जनहित मामले की सुनवाई की। अदालत के समक्ष महाधिवक्ता ने जानकारी दी कि राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया के तहत टेक्निकल बीड 3 नवंबर को खोली जा चुकी है और इसका मूल्यांकन तेजी से किया जा रहा है।
हालांकि, पीठ ने स्पष्ट कर दिया है कि इस प्रक्रिया में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालत ने 20 नवंबर तक हर हाल में टेंडर को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया, ताकि पुलिस थानों के भीतर होने वाली गतिविधियों पर डिजिटल निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
कस्टडी प्रताड़ना मामले में हलफनामा तलब
साल 2024 के चुनाव में इचागढ़ से झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के प्रत्याशी रहे तरुण महतो को 19 नवंबर 2025 की रात पुलिस थाने ले जाकर थर्ड डिग्री टॉर्चर देने का मामला सामने आया था। तरुण महतो की पत्नी द्वारा मुख्य न्यायाधीश को लिखे गए पत्र पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई है। अदालत ने राज्य सरकार की ओर से पेश जेल अधीक्षक की रिपोर्ट को हलफनामे के साथ कोर्ट रिकॉर्ड पर लाने का सख्त निर्देश दिया है।