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'बदले में यूपी-बिहार ले ले’ 22 साल बाद गोविंदा और शिल्पा शेट्टी को मिली राहत

Fri, 09 Aug 2019 01:26 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

  • झारखण्ड उच्च न्यायालय ने गोविंदा और शिल्पा शेट्टी के खिलाफ समन को रद्द किया
  • बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि फिल्म सर्टिफाइड थी
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Govinda (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
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विस्तार
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झारखंड उच्च न्यायालय ने फिल्म के एक गीत के संबंध में अभिनेता गोविंदा और शिल्पा शेट्टी के खिलाफ निचली अदालत द्वारा जारी किए गए समन को रद्द कर दिया। इस फिल्म में उन्होंने अभिनय किया था।

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न्यायमूर्ति ए के गुप्ता की पीठ ने गुरुवार को पाकुड़ अदालत द्वारा जारी किए गए समन को रद्द कर दिया, अदालत द्वारा बचाव पक्ष के वकील का तर्क स्वीकार किया गया। जिसके बाद अदालत ने इस मामले पर अपना फैसला दिया। 

बचाव पक्ष के वकील अभय मिश्रा ने उच्च न्यायालय की खंडपीठ को बताया कि सिनेमाटोग्राफ अधिनियम, 1952 के अनुसार फिल्में दिखाई जाती हैं। सेंसर बोर्ड फिल्मों को दिखाने के लिए प्रमाण पत्र और लाइसेंस देता है और यह फिल्म भारतीय दंड संहिता के दायरे में नहीं आती है। इसलिए समन को रद्द कर दिया जाना चाहिए। 
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शिकायतकर्ता एम एम तिवारी ने निचली अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें उन्होंने दावा किया था कि गाने से बिहार की छवि धूमिल हुई है।

1996 में फिल्म 'छोटे सरकार' के रिलीज होने के तुरंत बाद यह शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि दोनों ने एक गीत 'बदले में यूपी-बिहार ले ले’ को गाया, जिसने बिहार की छवि को धूमिल किया।
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बता दें कि सन् 2000 में झारखंड को बिहार से अलग किया गया था।

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