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मूलवासियों को ही मिलेगी थर्ड व फोर्थ ग्रेड की नौकरी

Thu, 12 Jun 2014 04:23 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजला, दिल्ली
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झारखंड में मूलनिवासी और झारखंडवासी को लेकर पुराना विवाद समाप्त हो गया है। स्थानीय नीति तय करने के लिए बनायी गयी कमेटी ने बुधवार को अंतिम बैठक कर ड्राफ्ट को अंतिम रूप दे दिया।
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स्थानीय नीति के प्रारूप में कमेटी ने तृतीय व चतुर्थ वर्ग की नौकरियां सिर्फ मूलवासियों को ही दिये जाने की अनुशंसा की है।

पहचान के लिए कई प्रावधान : मूलवासी की पहचान के लिए कमेटी ने कई प्रावधान तय किये हैं। अंतिम सर्वे सेटलमेंट में जिनका नाम दस्तावेजों में है, उसे आधार माना जायेगा।

भूमिहीन मूलवासियों की पहचान ग्राम सभा की ओर से की जायेगी। भूमिहीनों के लिए वंशावली को भी आधार बनाया जायेगा। ग्रामसभा तीन पीढ़ियों से रहनेवालों को मूलवासी का दरजा दे सकती है।  इसके साथ जिन मूलवासी के पास दस्तावेज नहीं है, उनकी बेसिक शिक्षा का आधार माना जायेगा। इसमें सातवीं की पढ़ाई को आधार बनाया जा सकता है।
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झारखंडवासी ले सकते हैं प्रमाण पत्र
कमेटी ने झारखंडवासी की पहचान के लिए कोई भी कट ऑफ डेट तय नहीं किया है। इसमें छत्तीसगढ़ का प्रावधान मानने पर सहमति बनी है। इसमें राज्य में रहनेवाले (गैर मूलवासी) को राज्य सरकार की ओर से केवल जरूरत पड़ने पर निवासी का प्रमाण पत्र दिया जायेगा।
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क्या है छत्तीसगढ़ की नीति ( स्थानीय के लिए)

1. व्यक्ति यदि छत्तीसगढ़ में जन्म लिया हो

2. व्यक्ति या उसके माता-पिता छत्तीसगढ़ में 15 वर्षो से रह रहे हों

3. माता-पिता केंद्र या राज्य सरकार की नौकरी के दौरान छत्तीसगढ़ के किसी जिले में पदस्थापित रहा हो या सेवानिवृत्त हो चुका हो

4. व्यक्ति या उसके माता-पिता का छत्तीसगढ़ में पिछले पांच वर्षो से अचल संपत्ति, उद्योग, कृषि या अन्य कोई व्यवसाय हो

5. व्यक्ति कम से कम तीन वर्षो तक छत्तीसगढ़ में पढ़ाई किया हो

6. व्यक्ति इनमें से कोई एक परीक्षा छत्तीसगढ़ में पास की हो, उच्च शिक्षा, कक्षा आठ, कक्षा चार या पांच की परीक्षा

7. कोई महिला भले ही राज्य की ना हो, पर यदि उसका विवाह राज्य के स्थायी निवासी के साथ हुआ हो, तो वह प्रमाण पत्र हासिल कर सकती है
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