झारखंड सरकार ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी विधायक पत्नी निर्मला देवी जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं। दोनों 2016 के दंगों के एक मामले में आरोपी हैं।
राज्य सरकार की दोनों की जमानत खारिज करने से जुड़ी याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने साव और देवी से तीन हफ्तों में उनका जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति एस ए बोब्डे और एल नागेश्वर राव ने पूर्व मंत्री और झारखंड के बरकागांव से विधायक को नोटिस जारी करते हुए तीन हफ्तों में उनका जवाब मांगा है।
प्रदेश सरकार ने कहा कि 2016 के दंगों के मामले में आरोपी साव और उनकी पत्नी देवी को पिछले साल सर्वोच्च न्यायालय से इस शर्त पर जमानत मिली थी कि वे भोपाल में रहेंगे और अदालती कार्यवाहियों के अलावा झारखंड में प्रवेश नहीं करेंगे।