झारखंड सरकार ने योजना आयोग के साथ हुई बैठक में राज्य के लिए विशेष पैकेज की मांग की है। हालांकि इसके लिए राशि का जिक्र नहीं किया गया है।
साथ ही बैठक में सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए तैयार किये गये विभागवार योजना आकार की विस्तृत जानकारी भी दी गयी।
एक मई को योजना आयोग के सदस्य डॉ. के कस्तूरीरंगन और सलाहकारों के साथ राज्यपाल के सलाहकार मधुकर गुप्ता, के विजय कुमार व अधिकारियों की हुई बैठक में विशेष पैकेज की मांग की गई।
इस दौरान सलाहकार मधुकर गुप्ता, मुख्य सचिव आरएस शर्मा और विकास आयुक्त एके सरकार ने राज्य में खनन से पर्यावरण को होनेवाले नुकसान की जानकारी दी।
साथ ही राष्ट्रीय औसत के मुकाबले झारखंड की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखंड को भी विशेष पैकेज मिलना चाहिए।
बैठक में 16,800 करोड़ रुपए के योजना आकार की 28.64 प्रतिशत राशि कर्ज से इकट्ठा करने की बात कही गई। योजना आकार की राशि में ट्राइबल सब प्लान एरिया को 50.44 प्रतिशत हिस्स देने की जानकारी भी दी गई।
योजना आकार की राशि जुटाने के लिए आर्थिक स्रोतों का जिक्र करते हुए बताया गया कि 16,800 करोड़ रुपए में से 7618.18 करोड़ रुपये अपने आंतरिक स्रोतों से जुटाए जाएंगे।
इसके अलावा 4371.10 करोड़ रुपये केंद्रीय सहायता के रूप में मिली राशि से जुटाने की बात कही गई।
सरकार ने योजना आकार में विभिन्न क्षेत्रों की भागीदारी का उल्लेख करते हुए बताया कि 16,800 करोड़ में से 8,474 करोड़ रुपये ट्राइबल सब प्लान एरिया में खर्च किये जायेंगे। यह रकम योजना आकार का 50.44 प्रतिशत है।
राज्य सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2012-13 में 13,600 करोड़ रुपये के योजना आकार में से 11,309 करोड़ रुपये खर्च करने की जानकारी दी गई।