इसके अलावा बीजेपी ने संकल्प पत्र में यह भी वादा किया है कि 2022 तक आदिवासियों के 70 नए मॉडल स्कूल खोले जाएंगे। साथ ही आदिवासियों के लिए व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा का एक केंद्र बनेगा। आदिम जनजातियों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाएं चलाई जाएंगी।
संकल्प पत्र जारी करने के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री रघुवर दास, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, प्रदेश चुनाव प्रभारी ओम प्रकाश माथुर समेत कई नेताओं ने मौजूद रहे।
संकल्प पत्र जारी करने के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने कहा कि पार्टी ने अपना लक्ष्य 'अबकी बार, 65 पार' रखा है। इस नारे के साथ भाजपा के कार्यकर्ता और समर्थक प्रदेश में काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि 2019 में बीजेपी की और मजबूत सरकार बनेगी। वहीं, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि इस संकल्प पत्र के माध्यम से राज्य को समग्र दृष्टि के साथ आगे बढ़ाने के संकल्प को दोहराया गया है।
अर्जुन मुंडा ने कहा कि पार्टी का संकल्प हर नागरिक को समान अवसर मुहैया कराने का है। भारतीय जनता पार्टी अंत्योदय के चिंतन को अपने संकल्पों के माध्यम से पूरा करेगी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि 2014 में बीजेपी की सरकार ने जनता से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करने के प्रयास किए हैं। यह संकल्प पत्र महज कागज का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह एक पवित्र ग्रंथ है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार का संकल्प महिलाओं का सशक्तिकरण भी है। मध्यान्ह भोजन योजना रेडी टू ईट को तैयार की गई, इसके तहत पैकिंग कर खाद्य सामग्री को आंगनबाड़ी तक पहुंचाया गया है।
उधर, झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। मोर्चा ने घोषणा पत्र में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के स्थानीय युवाओं को नौकरी में 67 फीसदी आरक्षण देने का वादा किया है।