अदालत ने उन्हें 18 महीने के कारावास की सजा सुनाई थी और धुलु महतो, राजेश गुप्ता, चुनचुन गुप्ता, गंगा प्रसाद गुप्ता और रामेश्वर महतो पर 9,000 रुपये का जुर्माना लगाया था। अदालत ने एक अन्य आरोपी को बरी कर दिया।
झारखंड की अदालत ने एक व्यक्ति को पुलिस हिरासत से मुक्त करने वाले विधायक की सजा बरकरार रखी है। भाजपा विधायक धुलु महतो और चार अन्य को 18 महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी यहा मामला करीब नौ साल पुराना है।
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विशेष अदालत के न्यायाधीश अखिलेश कुमार ने 10 अगस्त को बाघमारा विधायक व अन्य की अपील पर सुनवाई पूरी करते हुए बुधवार को फैसला सुनाया। इससे पहले, 9 अक्टूबर, 2019 को एक निचली अदालत ने महतो और उनके चार सहयोगियों को सरकारी कर्मचारियों को काम करने से रोकने के आरोप में गिरफ्तार एक व्यक्ति को मुक्त करने का दोषी ठहराया था।
अदालत ने उन्हें 18 महीने के कारावास की सजा सुनाई थी और धुलु महतो, राजेश गुप्ता, चुनचुन गुप्ता, गंगा प्रसाद गुप्ता और रामेश्वर महतो पर 9,000 रुपये का जुर्माना लगाया था। अदालत ने एक अन्य आरोपी को बरी कर दिया।
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धुलु महतो और उनके साथियों ने 12 मई 2013 को बरोरा थाने के कर्मियों को ड्यूटी करने से रोका था। विधायक के वकीलों ने कहा कि वे इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। कानून के जानकारों की माने तो अब विधायक ढुलू महतों को हाई कोर्ट में इस आदेश को चुनौती देनी होगी इसके लिए उन्हें पहले जेल जाना पड़ेगा।