घाटशिला उपचुनाव के प्रचार अभियान में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ऑल-वूमन टीम और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिग्गज स्टार प्रचारकों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। झामुमो की इस महिला टीम का नेतृत्व दिवंगत झारखंड मंत्री रामदास सोरेन की पत्नी सुरजमणि सोरेन कर रही हैं।
झामुमो की महिला टीम में लोकसभा सांसद जोबा मांझी, राज्यसभा सांसद महोआ मांझी, इचागढ़ विधायक सबीता महतो, पूर्व जमशेदपुर सांसद सुमन महतो, पूर्वी सिंहभूम की पार्षद बारी मुर्मू, और ओडिशा झामुमो महिला मोर्चा की अध्यक्ष व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बहन अंजलि सोरेन शामिल हैं। यह टीम रामदास सोरेन की मौत से उपजे भावनात्मक माहौल को खासकर महिला मतदाताओं के बीच साधने में जुटी है।
58 वर्षीय सुरजमणि सोरेन ने एक सभा में कहा मुझे राजनीति की समझ नहीं है। यह मेरे लिए नया है। मैं बस इतना कहना चाहूंगी कि मेरे पति (रामदास सोरेन) ने अपनी सेहत की परवाह किए बिना आपकी सेवा में जीवन बलिदान कर दिया। अब मैं अपने बेटे (सोमेश चंद्र सोरेन) को उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए आपके हवाले कर रही हूं। हमारा दरवाज़ा पहले भी आपके लिए खुला था और आगे भी खुला रहेगा। रामदास सोरेन पिछले एक साल से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे और दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज करा रहे थे। गिरने से उनके सिर में चोट लगी और ब्रेन हेमरेज हो गया। उनका निधन 15 अगस्त को हुआ, जिसके बाद घाटशिला सीट पर 11 नवंबर को उपचुनाव कराया जा रहा है।
यहां महिला मतदाता ज्यादा
उन्होंने बताया कि पार्टी को अन्य केंद्रीय मंत्रियों, जिनमें पश्चिम बंगाल भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुकांत मजूमदार भी शामिल हैं, से भी सहमति मिलने की उम्मीद है। पूर्व झारखंड मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी, पूर्व सीएम चंपई सोरेन और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू मिलकर भाजपा उम्मीदवार के लिए बूथ स्तर पर रणनीति बना रहे हैं। सुधीर कुमार ने कहा कि फिलहाल हम अपने बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर रहे हैं। छठ पर्व के बाद नवंबर के पहले सप्ताह से पार्टी के बड़े नेता रैलियां करेंगे और राज्य सरकार की नाकामियों को जनता के सामने रखेंगे।