झारखंड के देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम में अनुष्ठान करने से रोके जाने पर गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने कहा कि यह चौथी बार है, जब मुझे रोका गया है। मैंने पिछले 11 सालों में देखा है कि जिसने भी मेरे साथ गलत किया है वह जेल चला गया है या उसकी मौत हो गई है।
बताया गया है कि शिवरात्रि के दिन सांसद निशिकांत दुबे देवघर के वैद्यनाथ धाम में दर्शन के लिए गए थे, जहां उन्होंने अपने समर्थकों के साथ निकास द्वार से प्रवेश किया था। जिसको लेकर सासंद और धर्मरक्षिणी सभा के महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर से उनकी कहासुनी हुई थी। बातचीत के बाद दोनों के बीच विवाद को सुलझाया गया।
इसके बाद शनिवार को सांसद एक बार फिर धाम में पूजा अर्चना करने पहुंचे, जहां उन्हें अनुष्ठान करने से रोका गया। इस पर झल्लाए सांसद ने कहा कि यह चौथी बार है जब मुझे देवघर में अनुष्ठान करने से रोका गया है। मैंने पिछले 11 साल में देखा हैं कि जिसने भी मेरे साथ गलत करने की कोशिश की है वह जेल गया है। उस पर हत्या का आरोप लगा, उसकी असमय मौत हो गई या दुर्घटना हो गई है।
सांसद ने आरोप लगाया कि शनिवार को बिहार के पूर्व सांसद पप्पू यादव भी अपने लाव लश्कर के साथ मंदिर के निकास द्वार से प्रवेश किया, लेकिन किसी के भी द्वारा उन्हें नहीं रोका गया। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव रोकने के लिए वहां पर न ही धर्मरक्षिणी सभा का कोई पदाधिकारी था न ही प्रशासन के पदाधिकारी।
लेकिन, शिवरात्रि के दिन उनके साथ निकास द्वार से प्रवेश करने पर भारी विरोध जताया गया था। निशिकांत दुबे ने धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष एवं प्रशासन से सवाल किया है कि वे किस प्रकार पूजा करें, इसका जवाब उन्हें दें। एक माह के अंदर अगर उन्हें जवाब नहीं मिलता है, तो वे मंदिर ट्रस्ट से अपना इस्तीफा देकर आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।