भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में व्यापक पैमाने पर फल-फूल रहे अवैध कोयला कारोबार को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रेस वार्ता कर दावा किया कि प्रदेश में अब कोयला चोरी महज अपराधियों का काम नहीं रह गया है, बल्कि पुलिस प्रशासन और कोल माफिया की साझेदारी में संगठित रूप से यह अवैध व्यापार चलाया जा रहा है।
'पुलिस और कोल माफिया मिलकर इस धंधे को आगे बढ़ा रहे'
'प्रति टन 8-10 हजार रुपये का कारोबार होता है'
उन्होंने कहा कि चर्चा है कि इन साइटों को चालू कराने के लिए “हाउस” से अनुमति लेनी पड़ती है। हाउस के निर्देश के बाद ही एसएसपी साइट को मंजूरी देते हैं। साइट आवंटन के नाम पर एक करोड़ रुपये एडवांस भी वसूले जाते हैं। प्रति टन 8-10 हजार रुपये का कारोबार होता है, जिसका नियंत्रण “हाउस” के हाथ में बताया जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन आरोपों से असहमत हैं, तो राज्य सरकार को इसकी उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।