झारखंड के पूर्व मंत्री सरयू राय ने कहा कि भाजपा द्वारा उन्हें टिकट नहीं देने की एक वजह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उनकी नजदीकी हो सकती है। नीतीश कुमार ने दिसंबर 2017 में पटना में किताब ‘समय का लेख’ का विमोचन किया था।
उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों की सूची को मंजूरी देने वाले भाजपा संसदीय बोर्ड के कम से कम तीन सदस्यों ने मुझे बताया कि नीतीश कुमार द्वारा 2017 में मेरी पुस्तक का विमोचन किए जाने को लेकर कड़ी नाराजगी जताई गई और संभवत: यही मुझे टिकट नहीं दिये जाने का एक कारण बना।
राय ने कहा कि वह इसे समझ नहीं पा रहे हैं क्योंकि नीतीश ने 2017 में एक बार फिर भाजपा से हाथ मिलाकर बिहार में राजग सरकार का गठन किया। मेरी पुस्तक गैर-राजनीतिक विषय पर थी और नीतीश कुमार से इसका विमोचन कराना कोई अपराध नहीं है। राय के दावे पर भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है ।
बिहार के मुख्यमंत्री से निकटता के कारण टिकट दिए जाने से मना करने के राय के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर भाजपा के प्रदेश महासचिव दीपक प्रकाश ने कहा कि मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता क्योंकि यह पार्टी के संसदीय बोर्ड का फैसला है।