झारखंड विधानसभा में बुधवार को वित्त वर्ष 2019-20 की 4,210 करोड़ रुपये की अनुपूरक अनुदान बजट मांगें पारित कर दी गईं। विधानसभा में लगभग ढाई घंटे तक चली बहस के बाद वित्तीय वर्ष 2019 -20 की द्वितीय अनुपूरक अनुदान मांगों को मंजूरी मिली।
इससे पहले विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी व आजसू द्वारा अनुपूरक बजट पर रखे गए कटौती प्रस्ताव का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार के समक्ष तमाम चुनौतियां हैं लेकिन सरकार इसका सामना करने को तैयार है और राज्य हित में सरकार बड़े निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वित्तीय वर्ष 2019-2020 की 4,210 करोड़ रुपये की अनुपूरक बजट मांगें मंगलवार को पेश की थी।
अनुपूरक अनुदान मांगों में सर्वाधिक ग्रामीण विकास विभाग के लिए 951 करोड़ 56 लाख 73 हजार रुपये मांगे गए हैं। इसके अलावा महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के लिए 635 करोड़ 19 लाख रुपये गृह विभाग के गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के लिए 618 करोड़ 71 लाख 87 हजार रुपये, उर्जा विभाग के लिए 555 करोड़, 56 लाख 64 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च की मांग की गई है।
इसी प्रकार गृह कारा व आपदा प्रबंधन विभाग के लिए 406 करोड़ छह लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।