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Jharkhand: झारखंड के चुनावी रण में राहुल गांधी, सिमडेगा में रैली; भाजपा पर जल-जंगल-जमीन छीनने का लगाया आरोप

Fri, 08 Nov 2024 01:24 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

Jharkhand Assembly Election 2024: झारखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर तमाम राजनीतिक दलों की तरफ से चुनावी रैलियां की जा रही है। इस कड़ी में आज कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सिमडेगा में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा जल-जंगल और जमीन छीनने का आरोप लगाया।
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झारखण्ड विधानसभा चुनाव 2024: राहुल गांधी, नेता, कांग्रेस - फोटो : X / @INCIndia
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विस्तार
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झारखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आज सिमडेगा में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा जल-जंगल और जमीन छीनने का आरोप लगाया है। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा, आज देश में दो विचारधाराओं की लड़ाई चल रही है। एक तरफ- इंडिया गठबंधन, दूसरी तरफ- भाजपा और आरएसएस है। जहां इंडिया गठबंधन के लोग संविधान की रक्षा कर रहे हैं, वहीं भाजपा-आरएसएस संविधान को खत्म करना चाहते हैं।
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संविधान सिर्फ एक किताब नहीं है- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने आगे कहा कि, संविधान सिर्फ एक किताब नहीं है। इसमें बिरसा मुंडा जी, अंबेडकर जी, फुले जी और महात्मा गांधी जी की सोच है। ये संविधान देश के आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों, गरीबों की रक्षा करता है। इसलिए इंडिया गठबंधन चाहती है कि देश को संविधान के माध्यम से चलाया जाए।
 

'भाजपा आपका जल-जंगल-जमीन छीनना चाहती है'
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा, हम आपको 'आदिवासी' कहते हैं, लेकिन भाजपा आपको 'वनवासी' कहती है। अंग्रेज भी आपको वनवासी कहते थे, तब बिरसा मुंडा जी आपके जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए अंग्रेजों से लड़े। आज हम भी आपके हक के लिए लड़ रहे हैं। भाजपा आपका जल-जंगल-जमीन छीनना चाहती है, इसलिए वह आपको वनवासी कहती है। आदिवासी का मतलब होता है- देश का पहला मालिक। वहीं वनवासी का मतलब है कि देश में आपका कोई अधिकार नहीं है। लेकिन आप आदिवासी हैं और देश पर सबसे पहला अधिकार आपका है।
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आज लड़ाई संविधान को बचाने की है- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने आगे कहा, संविधान में आपको 'वनवासी' शब्द कहीं नहीं मिलेगा। जिन्होंने संविधान बनाया, उन्होंने भी वनवासी के बजाए 'आदिवासी' शब्द का प्रयोग किया। क्योंकि वे कहना चाहते थे कि जल, जंगल, जमीन के असली मालिक आदिवासी हैं। बिरसा मुंडा जी भी इसी जल, जंगल, जमीन के लिए लड़े थे। आज लड़ाई संविधान को बचाने की है। एक तरफ वो लोग हैं, जो आपको आदिवासी कहते हैं, आपका सम्मान करते हैं। दूसरी तरफ वे लोग हैं, जो आपको वनवासी कहते हैं और जो भी आपका है, वो छीनना चाहते हैं। 
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