झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने आज संकल्प पत्र जारी किया। भाजपा के संकल्प पत्र पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा को लोगों से वोट मांगने से पहले झारखंड को लंबित कोयला रॉयल्टी के तौर पर 1.36 लाख करोड़ रुपये जारी करने में देरी का हिसाब देना चाहिए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि केंद्र पर कोयला रॉयल्टी और केंद्रीय योजना के लाभ का लाखों करोड़ रुपये बकाया है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, "कांग्रेस नेता ने कहा कि भूमि मुआवजे का भुगतान न करने के कारण 1,01,142 करोड़ रुपये, सामान्य कारण बकाया के तहत 32,000 करोड़ रुपये और धुले हुए कोयले की रॉयल्टी के तहत 2,500 करोड़ रुपये बकाया हैं।" उन्होंने भाजपा की झारखंड इकाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि पार्टी राज्य के लिए धन सुरक्षित करने में क्यों विफल रही और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसपर चुप क्यों हैं। जयराम रमेश ने कहा, "नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री ने इन फंड्स को जारी क्यों नहीं किया है? क्या JMM-कांग्रेस गठबंधन को वोट देने पर झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है? राज्य भाजपा नेतृत्व राज्य के लिए कोई फंड सुनिश्चित करने में असमर्थ क्यों है? झारखंड की जनता से एक भी वोट मांगने से पहले भाजपा को राज्य को 1.36 लाख करोड़ रुपए जारी करने में हुई इस देरी का हिसाब देना होगा।"
भाजपा के संकल्प पत्र पर झामुमो नेता महुआ माझी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "किसी को भी इस संकल्प पत्र पर भरोसा नहीं है, क्योंकि जनता उनकी सरकार देख चुकी है। उनके कार्यकाल के दौरान न तो झारखंड और न ही रांची का विकास हुआ। भाजपा के कार्यकाल के दौरान महिलाओं की तस्करी चरम पर थी। केंद्र सरकार ने अभी तक राज्य सरकार को कोयले की रॉयल्टी नहीं दी है।" बता दें कि केंद्रीय निर्वाचन आयोग की तरफ से निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक झारखंड में दो चरणों- 13 और 20 नवंबर को मतदान होगा। मतगणना 23 नवंबर को होगी।
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