झारखंड एटीएस ने आतंकी कलीमुद्दीन को जमशेदपुर से पकड़ा है। आतंकी मौलाना कलीमुद्दीन 2001 में अलकायदा में शामिल हुआ था। अलकायदा ने कलीमुद्दीन को ईस्टर्न इंडिया जोन का प्रभारी बनाया था। इसका मुख्य काम जिहाद की तरफ झुकाव रखने वाले लोगों को चिहिंत कर अपने पास बुला कर आतंकी संगठन से जोड़ना था।
इसके खिलाफ जमशेदपुर बिष्टुपुर थाना में 25 जनवरी 2016 को मामला दर्ज किया गया था। यह आतंकी सऊदी अरब, बांग्लादेश और अफ्रीका जैसे देशों का भ्रमण कर चुका है।
मौलाना मोहम्मद कलीमुद्दीन मुजाहिरी अलकायदा का मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादी था। इसे शनिवार को जमशेदपुर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया है। वह पिछले तीन साल से फरार चल रहा था। आतंकी लगातार अपना पता-ठिकाना बदलकर कर यहां वहां रह रहा था।
वहीं, पुलिस ने इससे पहले कलीमुद्दीन के घर कुर्की भी की थी। कलीमुद्दीन के खिलाफ जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना आर्म्स एक्ट, सीएलए एक्ट और यूएपीए एक्ट का मामला 25 जनवरी 2016 को दर्ज हुआ था।
मोस्ट वांटेड आतंकवादी मोहम्मद कलीमउद्दीन आतंकवादी संगठन अलकायदा के सक्रिय आतंकवादी मोहम्मद अब्दुल रहमान अली उर्फ कटकी जो वर्तमान में तिहाड़ जेल दिल्ली में बंद है उसका सहयोगी है। आतंकी कलीमुद्दीन कटकी के अलावा अब्दुल सामी, अहमद मसूद, राजू उर्फ नसीम अख्तर और जीशान हैदर का सहयोगी भी रहा है।
जिस जगह से आतंकी को पकड़ा गया है उसे आतंकियों का शरणगाह है। कोलकाता के अमेरिकन सेंटर पर हमला करने वाला आतंकी नूर मुहम्म्द को भी यहीं से गिरफ्तार किया गया था। यहां का रहने वाला अब्दुल सामी अलकायदा से जुड़ा था जिसकी गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने हरियाणा के मेवात से की थी।