झारखंड में अपने मन से दवा लिखने की आजादी की मांग को लेकर डॉक्टर आज हड़ताल चले गए हैं। हड़ताल में शामिल डॉक्टरों की संख्या 1800 है।
हड़ताल का आह्वान नेशनल आइएमए ने किया है। हालांकि इस दौरान अस्पतालों में इमरजेंसी सेवा बहाल है। डॉक्टर केवल ऑफिस बैठे रहेंगे लेकिन काम नहीं करेंगे। जानकारी के मुताबिक यह दोपहर दो बजे तक ही चलेगी। इस हड़ताल को लेकर निजी डॉक्टरों को सरकारी डॉक्टरों का भी समर्थन मिला है।
डॉक्टरों की मांग है कि चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों पर हो रहे हमले पर सख्त केंद्रीय कानून बनना चाहिए। और डॉक्टरों की ओर से एलोपैथी की प्रैक्टिस करने पर रोक लगे। इसके अलावा उनकी मांग है कि क्रिमिनल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट की विसंगति दूर हो तथादवा ब्रांड या जेनेरिक व जांच लिखने की डॉक्टरों की आजादी हो। और आकस्मिक इलाज के बाद शुल्क नहीं मिलने पर इसकी भरपाई सरकार करे। बता दें कि एक ओर दूसरे मामले में आज दिल्ली के डॉक्टर भी देशभर के डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा के बढ़ते मामलों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल पर हैं।