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नाबालिग से छेड़खानी: आरोपी आरपीएफ एएसआई पर केस दर्ज, पत्नी भी नामजद; रेलवे ने किया निलंबित

Sat, 26 Sep 2026 04:17 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

जमशेदपुर के बागबेड़ा में 13 वर्षीय नाबालिग से छेड़खानी और दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में आरपीएफ एएसआई आरपी सिंह और उसकी पत्नी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। रेलवे ने आरोपी एएसआई को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिमी सिंहभूम जिले के डोंगवापोसी आरपीएफ पोस्ट में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) आरपी सिंह के खिलाफ 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची से छेड़खानी और दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना में पुलिस ने आरोपी एएसआई और उसकी पत्नी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी का घर जमशेदपुर के बागबेड़ा में ही स्थित है। इस घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है।
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रेलवे अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी एएसआई को निलंबित कर दिया है और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी है। रेलवे विभाग की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी एएसआई पिछले करीब दो माह से अवकाश पर चल रहा है।

योग सीखने के दौरान छेड़खानी का आरोप
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, 13 वर्षीय पीड़िता नाबालिग आरोपी एएसआई की पत्नी से योग सीखने के लिए उसके बागबेड़ा स्थित आवास पर नियमित रूप से जाती थी। आरोप है कि एक दिन जब आरोपी एएसआई की पत्नी घर पर मौजूद नहीं थी, तब एएसआई आरपी सिंह ने नाबालिग बच्ची को घर में अकेला पाकर उसके साथ छेड़खानी की। उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास भी किया। पीड़िता अपने घर पहुंची और उसने परिजनों को पूरी बात बताई। नाबालिग ने अपने माता-पिता को आपबीती सुनाते हुए आरोपी एएसआई की करतूत की जानकारी दी। बच्ची की बात सुनकर हैरान परिजनों ने तत्काल आरोपी के घर जाकर बात करने और पुलिस में जाने का निर्णय लिया।
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पीड़ित परिजनों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी
नाबालिग बच्ची के माता-पिता तुरंत आरोपी एएसआई के घर पहुंचे। परिजनों ने आरोपी की पत्नी के सामने विरोध दर्ज कराया। इस पर आरोपी की पत्नी की ओर से पीड़ित परिजनों को धमकाया गया। परिजनों ने शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी के रेलवे में अधिकारी होने का हवाला दिया गया और यह कहा गया कि उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकेगी। आरोपी पक्ष ने पीड़ित परिवार को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की तो उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। तमाम धमकियों के बावजूद नाबालिग बच्ची के माता-पिता ने हिम्मत नहीं हारी और बागबेड़ा थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज करा दी।

पुलिस जांच और रेलवे की विभागीय कार्रवाई
नाबालिग के माता-पिता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए बागबेड़ा थाना पुलिस ने आरोपी एएसआई आरपी सिंह तथा उसकी पत्नी दोनों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है। केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने पीड़िता और उसके परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। रेलवे प्रशासन ने आरोपी एएसआई को निलंबित कर दिया है और उसके विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस जांच के बाद ही सभी आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
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