भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पिछले पांच साल के कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व की जमकर तारीफ की। नड्डा ने कहा कि पिछले महीने ह्यूस्टन रैली में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारतीय पीएम के ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में शामिल होना इस बात का संकेत है कि मोदी अब दुनिया के शक्तिशाली नेताओं में शुमार हो चुके हैं।
जेपी नड्डा शुक्रवार को हजारीबाग में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश की तस्वीर प्रधानमंत्री मोदी व प्रदेश की तस्वीर मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में बदल रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश सुरक्षित व मजबूत बना है। अमेरिका की राजनीति में भी भारत का रुतबा बढ़ा है। मोदी सरकार ने किसानों की जरूरतों को पूरा किया और स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल की है। पिछले पांच वर्षों के दौरान मोदी के गतिशील नेतृत्व ने दुनिया को यह भी दिखाया है कि वह शक्तिशाली वैश्विक नेताओं में से एक हैं।
मजबूत नीतियों के साथ भारत 2025 तक पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था हासिल कर लेगा। जम्मू और कश्मीर पर नड्डा ने कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से वहां के लोगों को उन योजनाओं का फायदा मिलेगा जो देश में अन्य लोग विकास कार्यक्रमों के माध्यम से ले रहे हैं। उन्होंने ट्रिपल तलाक को खत्म करने के लिए भी मोदी सरकार की प्रशंसा की, कहा इससे मुस्लिम महिलाओं को प्रगतिशील कार्यक्रमों में शामिल होने में मदद मिलेगी।
नड्डा ने हजारीबाग के बाद बोकारो जिले के चंदनकियारी में आयोजित विजय संकल्प सभा को भी संबोधित किया। यहां उन्होंने कहा, मोदी सरकार अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद आगे बढ़ रही है जबकि पाकिस्तान ने खुद को संयुक्त राष्ट्र में अलग-थलग कर लिया।
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 समाप्त होने से देश खुश है, जम्मू कश्मीर के लोग खुश हैं। पहले जहां कश्मीर में अल्पसंख्यक गुजर और बकरवाल को आरक्षण नहीं मिलता था। अब सरकार इसका भी प्रबंधन कर रही है। पहले कश्मीर में दलितों को केवल सफाई कर्मचारियों के रूप में रोजगार मिलता था, लेकिन अब उन्हें वह लाभ मिलेगा जो देश के बाकी हिस्सों के लोगों को दिया जाता है।
नड्डा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में घुसपैठी आ रहे हैं, जिन्हें बाहर खदेड़ा जाएगा। आने वाले समय में हम ऐसी व्यवस्था करेंगे कि कोई घुसपैठिया हमारे देश में नहीं रहेगा। घुसपैठिए बाहर चले जाएंगे और हिंदुओं, जैन, सिख, ईसाई जिनपर बाहर अत्याचार किए गए थे, उन्हें भारत में शरण दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत एक देश है, धर्मशाला नहीं।