झारखंड में जनवरी, 2025 से अफीम की अवैध खेती के लिए अभियान जारी है, जिसके तहत पिछले दो महीने में करीब 19,000 एकड़ भूमि पर अफीम की अवैध खेती को नष्ट किया गया है। इसके साथ ही अफीम की अवैध खेती से जुड़े 190 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। मुख्य सचिव अलका तिवारी ने संबंधित अधिकारियों को अफीम की खेती 100 फीसदी नष्ट करने और अभियान को 15 मार्च तक जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव अलका तिवारी ने शुक्रवार को अफीम की अवैध खेती के खिलाफ जारी अभियान की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें बताया कि राज्य में 19,086 एकड़ भूमि पर अफीम की अवैध खेती को नष्ट किया गया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में चार गुना अधिक है।
283 मामलों में 190 लोगों को किया जा चुका गिरफ्तार
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अफीम की अवैध खेती के संबंध में अब तक 283 मामले दर्ज किए गए हैं और 190 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बयान में बताया गया है कि चतरा, खूंटी, लातेहार, रांची, पलामू, चाईबासा, सरायकेला और हजारीबाग जिले अफीम की खेती से प्रभावित हैं।
सबसे कम पलामू में नष्ट की अफीम की खेती
मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत किए गए आंकड़ों के अनुसार, खूंटी में 10,520 एकड़ भूमि पर लगी अफीम की फसल को नष्ट किया गया है, जबकि रांची में 4,624 एकड़ भूमि पर लगी अफीम की फसल नष्ट की गई है। पलामू में करीब 396 एकड़ अफीम की फसल नष्ट की गई, जो सभी जिलों में सबसे कम है।
अभियान के सकारात्मक परिणाम, 100 फीसदी नष्ट करें अफीम की खेती
समीक्षा बैठक के दौरान, मुख्य सचिव तिवारी ने अधिकारियों से कहा कि अफीम की खेती के खिलाफ अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, लेकिन अफीम की खेती को 100 फीसदी नष्ट किया जाना चाहिए।
अधिक गिरफ्तारियां करें अधिकारी: मुख्य सचिव
इस दौरान मुख्य सचिव ने मामलों की संख्या की तुलना में गिरफ्तारियों की कम संख्या की ओर इशारा किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक गिरफ्तारियां की जाएं। इसके साथ ही सजा सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जाए।