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झारखंड: चार लाख रुपये फीस, फिर भी सुविधाओं का अभाव! ट्रिपल आईटी रांची में छात्रों का प्रदर्शन

Tue, 13 Oct 2026 03:09 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

ट्रिपल आईटी रांची में छात्र आदित्य के निधन के बाद विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी है। छात्र संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विद्यार्थियों ने कैंटीन के खानपान, सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों की कमी पर नाराजगी जताते हुए मांगें पूरी नहीं होने पर खेलगांव चौक पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रांची। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (ट्रिपल आईटी) रांची में प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य के निधन के बाद परिसर में विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। छात्र-छात्राएं संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।
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भारी आक्रोश के बीच विद्यार्थियों ने खेलगांव हाउसिंग सोसाइटी स्थित छात्रावास परिसर के नीचे बैनर-पोस्टर लेकर जमकर नारेबाजी की। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक निदेशक को पद से नहीं हटाया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

लापरवाही और सुविधाओं में कमी का आरोप
विद्यार्थियों का आरोप है कि संस्थान में पिछले कई महीनों से लगातार लापरवाही बरती जा रही है। बार-बार शिकायतें दर्ज कराने के बाद भी प्रबंधन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है। छात्रों ने बताया कि वे पढ़ाई के अतिरिक्त अन्य मदों में प्रतिवर्ष चार लाख रुपये की फीस देते हैं, फिर भी उन्हें बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ता है।
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विद्यार्थियों ने छात्रावास में कैंटीन के खराब खानपान, अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों की कमी को लेकर भी भारी नाराजगी जताई। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे खेलगांव चौक पर चक्का जाम करेंगे।

बोर्ड अध्यक्ष ने सुनी विद्यार्थियों की व्यथा
बढ़ते तनाव को देखते हुए सोमवार शाम करीब सात बजे संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट, निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव तथा संकाय सदस्यों और कर्मचारियों के साथ धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी शिकायतें ध्यानपूर्वक सुनीं।

छात्रों ने दोटूक शब्दों में निदेशक को हटाने की मांग दोहराई और कहा कि इसके बाद ही अन्य समस्याओं के बारे में प्रबंधन को अवगत कराया जाएगा। बोर्ड अध्यक्ष ने विद्यार्थियों को संकेत दिया कि मंगलवार को किसी निष्कर्ष तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। उधर, निदेशक ने कहा कि संस्थान के सभी सदस्य छात्र के निधन से दुखी हैं और मामले का समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं।

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चिकित्सा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
छात्रों का दावा है कि यदि छात्रावास में लिफ्ट, एम्बुलेंस, ऑक्सीजन और बिजली व्यवस्था दुरुस्त होती, तो आदित्य की जान बचाई जा सकती थी। समय पर आवश्यक चिकित्सा सहायता न मिलने को लेकर विद्यार्थियों में गहरा आक्रोश है। दूसरी ओर, पुलिस छात्र आदित्य की मौत के कारणों की गहन जांच कर रही है। संस्थान में बुनियादी सुविधाओं को लेकर पहले से ही विरोध चल रहा था, जिस पर इस दुखद घटना ने आक्रोश को और बढ़ा दिया है। छात्र अपनी मांगों को लेकर धरनास्थल पर डटे हुए हैं।
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