हैदराबाद बलास्ट के मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ने झारखंड में रांची के कांके से आतंकी मंजर इमाम को गिरफ्तार किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वह इंडियन मुजाहिद्दीन आतंकी संगठन से है। इमाम रांची का रहने वाला है।
एनआईए मंजर इमाम की तलाश हैदराबाद सीरियल ब्लास्ट केस में कर रही थी। इससे पहले अन्य आतंकी घटनाओं में भी उसका नाम आ चुका है। एनआईए की टीम कई बार उसकी तलाश में रांची जा चुकी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मंजर इमाम को एनआईए की टीम पिछले लगभग दो वर्षों से विभिन्न आतंकवादी घटनाओं के सिलसिले में ढूंढ रही थी। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद विस्फोटों के सिलसिले में भी मंजर का नाम जांच के दौरान सामने आया था लेकिन उसे उस समय गिरफ्तार नहीं किया जा सका था।
उल्लेखनीय है कि हैदराबाद ब्लास्ट मामले में पांच आतंकियों में मंजर इमाम का नाम भी शामिल है। इस मामले में अभी तक लश्कर सरगना हाफिज सईद, आईएम के आतंकी यासीन भटकल, आईएम के ही आतंकी मंजर इमाम, तबरेज और विकास का नाम सामने आया है।
इन धमाकों के लिए पिछले साल अक्टूबर 2012 में ही आंतकियों ने हैदराबाद की रेकी की थी। मंजर इमाम वही व्यक्ति है, जिसने यासीन भटकल के बाद हमले की पूरी जिम्मेदारी संभाली। पाकिस्तान से लश्कर के जो चार आतंकी भारत आए थे, उन्होंने मंजर से ही मुलाकात की थी और हैदराबाद बेगमपेट इलाके के लॉज में पहुंचे थे।
गिरफ्तारी के बाद मंजर इमाम को एक न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। जहां एनआईए और केरल की एर्नाकुलम पुलिस के अनुरोध पर उसे पांच दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर एर्नाकुलम पुलिस को सौंप दिया गया। एर्नाकुलम पुलिस उसे अपने साथ ले गयी है जहां उस पर आतंकवादियों को शिविर लगाकर प्रशिक्षण देने का मामला दर्ज है।
इस दौरान मंजर इमाम के परिजन भी बड़ी संख्या में अदालत पहुंचे जहां उन्होंने पुलिस से मंजर से मिलने की अनुमति मांगी। अनुमति न मिलने पर उन्होंने जमकर हंगामा किया।