पति को मुआवजा सौंपते पुलिस अधिकारी।
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झारखंड के दुमका में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई स्पेनिश महिला के पति को सरकार की ओर से सोमवार को मुआवाज राशि दी गई। पुलिस उपायुक्त ने दुमका में विदेशी महिला के पति को 10 लाख रुपये मुआवजे के रूप में सौंपे हैं। पति ने पुलिस के प्रति आभार व्यक्ति किया है कि उन्होंने जल्द जांच पूरी की।
जल्द सुनवाई के लिए करेंगे प्रयास
उपायुक्त अंजनेयुलु दोड्डे ने बताया कि हमने मामले में तेजी से जांच की। जिला प्रशासन की ओर से हम उन्हें मदद मुहैया करा रहे हैं। पीड़ित मुआवजा योजना के तहत हमने उन्हेंं 10 लाख रुपये दिए हैं। हम त्वरित सुनवाई और आरोपियों की सजा के लिए प्रयास करेंगे।
पढ़िए, पीड़िता ने पुलिस को क्या बताई आपबीती
पीड़िता ने पुलिस में दर्ज एफआईआर में ये जानकारी दी है। पीड़िता ने एफआईआर में बताया कि शाम सात बजे उन्होंने कुछ आवाज सुनी। इस पर वे दोनों टेंट से बाहर आए तो वहां दो लोग बात कर रहे थे। थोड़ी देर में ही वहां सात लोग आ गए। पीड़िता के अनुसार, उन लोगों ने उसके पति से झगड़ा शुरू कर दिया और फिर टेंट में घुसकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी उनसे 300 डॉलर, 11 हजार रुपये और एक डायमंड रिंग आदि भी लूटकर ले गए। पीड़िता का कहना है कि आरोपियों में एक करीब 30 साल का और अन्य 20-22 साल के थे। पीड़िता ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'मुझे लगा था कि वे लोग मुझे मार डालेंगे, लेकिन भगवान की कृपा से मैं जीवित हूं।'
महिला आयोग ने घटना का लिया संज्ञान
घटना के बाद पीड़िता ने स्पेन में अपने दोस्तों को घटना की जानकारी दी और सोशल मीडिया पर भी पोस्ट साझा किया। पुलिस को जब घटना की जानकारी मिली तो मामला दर्ज हुआ। दुमका पुलिस ने रविवार शाम को बताया कि आरोपियों में से तीन को पकड़ लिया गया है और चार अभी भी फरार है। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है और झारखंड में कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। महिला आयोग ने घटना को लेकर विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी ने रविवार को पीड़ित महिला से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से सबूत जुटाए।
पीड़िता ने बताया कि वह अपने पति के साथ बाइक पर दुनिया घूमने निकली है। वे दोनों अपनी मोटरबाइक पर कोलकाता से एक मार्च को नेपाल के लिए निकले थे। दुमका में कुरमाहाट के पास अंधेरा होने पर उन्होंने वहीं रुकने का फैसला किया। दोनों ने सड़क से एक किलोमीटर दूर टेंट लगाया, जहां महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई।