जमशेदपुर, झारखंड में पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र के डेरवां रेलवे स्टेशन के निकट कल देर रात टाटा बिलासपुर पैंसेजर ट्रेन की एक बोगी के शौचालय से बेहोश हालत में तीन बच्चों को बरामद किया गया।
तीनों के चेहरे पर कालिख लगी हुई थी जिससे ऐसा लगता है कि उन्हें मानव तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था, हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
पुलिस ने आज बताया कि आठ से दस वर्ष की उम के ये बच्चे निकटवर्ती सोनुवा थाना क्षेत्र के झुमपुरा गांव के रहने वाले बताये गये हैं।
उन्हें एक स्थानीय व्यक्ति ने कल रात ट्रेन की शौचालय में बेहोश हालत में देखा और लोगों को सूचित कर डेरवां स्टेशन पर उतार लिया।
तीनों को डेरवां के मुखिया सोमनाथ गुंडुआ के माध्यम से उनके परिजनों को सौपने के प्रयास किये जा रहे हैं।
अंदेशा है कि उन्हें किसी बड़े शहर में बेचने के लिए नशीला पदार्थ खिला कर गुपचुप ढंग से ले जाया जा रहा था।
उनकी पहचान छुपाने के लिए चेहरे पर कालिख पोत दी गयी थी। पुलिस मामले की विस्तृत छानबीन कर रही है।