मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को बिना किसी पूर्व सूचना के बस में सवार होकर राजधानी रांची की शहरी व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री आम यात्रियों के बीच मौजूद रहे और शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर उनकी गाड़ी चलती रही, लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
इस निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने शहर की यातायात व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, साफ-सफाई, पैदल यात्रियों की सुविधाओं और सार्वजनिक स्थलों पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य शहरी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को समझना और आम नागरिकों को होने वाली समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से देखना था।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शहरी विकास से जुड़ी सभी योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि आम लोगों को बेहतर आवागमन, स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित जीवन सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सड़क मरम्मत, जलनिकासी, ट्रैफिक प्रबंधन और साफ-सफाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यह भी कहा कि प्रशासन को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा। सरकार आम जनता की समस्याओं को लेकर पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है। इस औचक निरीक्षण के दौरान रांची के उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री, नगर प्रशासक सुशांत गौरव सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।