बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की चारा घाटाले से जुड़े एक मामले में जमानत याचिका भी कोरोना की चपेट में आ गई है। मामले में शुक्रवार (16 अप्रैल) को सुनाई होनी थी, लेकिन इसे टाल दिया गया है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को अदालत का सैनिटाइजेशन होना है, जिसके चलते सभी मामले टाल दिए गए हैं।
लालू प्रसाद ने दुमका कोषागार मामले में याचिका दाखिल कर जमानत की गुहार लगाई है। देवर्षि मंडल की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि उन्होंने दुमका कोषागार मामले में सजा की आधी अवधि जेल में काट ली है, ऐसे में उन्हें जमानत दी जाए। घोटाले के तीन अन्य मामलों में लालू को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
बता दें कि नौ अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंस से हुई सुनवाई में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा था कि सीबीआई राजनीतिक कारणों से लालू को जेल में रखना चाहती है, इसीलिए वह मामले को जानबूझकर लटका रही है। सीबीआई को अदालत ने मामले में अपना जवाब दाखिल करने के लिए तीन दिन का समय दिया था।
गौरतलब है कि सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद यादव को दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में आईपीसी एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सात-सात साल की सजा सुनाई है। विशेष अदालत ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू को सुनाई गई इन दोनों सजाओं को एक के बाद एक चलाने का आदेश दिया था।