23 साल पुराने एक मामले में दोषी ठहराए जाने के पद अपना पद गंवा चुके आल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) के पूर्व विधायक कमल किशोर भगत ने जेल जाने से पूर्व अचानक शादी रचाकर सबको हतप्रभ कर दिया।
माना जा रहा है उप चुनाव में वह अपनी सीट पर अपनी नववाहिता पत्नी को खड़ा कर सकते हैं। निचली अदालत से सात साल की सजा पाने वाले लोहरदगा के पूर्व विधायक ने कुछ राहत की उम्मीद में हाइकोर्ट में अपील की थी लेकिन कोर्ट ने उनकी सजा बरकरार रखी।
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हालांकि उनकी सात साल की सजा को हाइकोर्ट ने कम करते हुए पांच साल कर दिया था। इसके बाद पूर्व विधायक को 7 अक्टूबर को कोर्ट में आत्मसमर्पण करना है।
इलाज के दौरान नर्स से हुआ प्रेम
आदिवासी तबके से आने वाले पूर्व विधायक कमल किशोर भगत की यह शादी इसलिए सुर्खियों में है कि उन्होंने कोर्ट द्वारा दी गई मोहलत से दो दिन पहले ही आनन-फानन में शादी कर सबको अचंभे में डाल दिया।
साल 2009 और 2014 में विधायक चुने गए भगत ने जिस नीरू शांति कुंजुर से शादी की वो राजेन्द्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में नर्स है। विधायक की उनसे मुलाकात वहां उनके इलाज के दौरान ही हुई थी।
जहां वो कुछ दिन पूर्व भर्ती हुए थे। हाइपर टेंशन की शिकायत पर रिम्स पहुंचे पूर्व विधायक के उपचार के लिए नीरू शांति को ही लगाया गया था। इलाज के दौरान ही दोनों के बीच मोहब्बत पनपी और अस्पताल से बाहर आते ही भगत ने नीरू के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया।
जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया और आनन फानन में दोनों ने 4 अक्टूबर को शादी कर ली। बीते चुनाव में लोहरदगा सीट से आजसू के टिकट पर जीत दर्ज करने वाले कमल किशोर भगत को कोर्ट ने 1992 में शहर के डॉक्टर केके सिन्हा को मारने की धमकी देने के आरोप में सात साल की सजा सुनाई थी।
जिसके बाद बीते जून में उनकी विधायकी चली गई थी। भगत इसके विरोध में हाइकोर्ट गए तो कोर्ट ने उनकी सजा तो बरकरार रखी लेकिन उसे घटाकर पांच साल कर दिया।
अब इस सीट पर जल्द ही उपचुनाव होना है। और माना जा रहा है यहां से अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाने के लिए ही भगत ने नीरू शांति से इतनी जल्दबाजी में शादी की।