देवघर में एसबीआई का एटीएम उखाड़कर ले जाने के मामले में पुलिस को अहम सुराग मिला है। देवीपुर के तिलजोरी-रामूडीह मोड़ के पास अजय नदी किनारे से चोरी गए एटीएम का मॉनिटर बरामद हुआ है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर करीब सात अपराधियों के वारदात में शामिल होने की आशंका है।
देवघर के नगर थाना क्षेत्र स्थित नंदन पहाड़ मोहल्ले में सेवा धाम के समीप से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) का एटीएम उखाड़कर ले जाने के मामले में पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता और सुराग हासिल हुआ है। देवीपुर थाना क्षेत्र के तिलजोरी-रामूडीह मोड़ के समीप अजय नदी के किनारे से चोरी गए एटीएम का मॉनिटर बरामद किया गया है।
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पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अपराधी एटीएम को ले जाते समय रास्ते में ही उसका यह मॉनिटर फेंककर आगे बढ़ गए होंगे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मॉनिटर को अपने कब्जे में लेकर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
गैस कटर से काटी मशीन
अपराधियों ने मंगलवार की अहले सुबह लगभग 3:30 बजे इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया। सबसे पहले गिरोह के सदस्यों ने एटीएम कक्ष का शटर क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद उन्होंने गैस कटर का इस्तेमाल करते हुए मशीन को काटकर कक्ष से बाहर निकाला। फिर अपराधियों ने मशीन को रस्सी से बांधा और लगभग 500 मीटर दूरी तक घसीटते हुए ले गए।
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किसी सुनसान स्थान पर पहुंचने के बाद उन्होंने एटीएम को कार में लोड किया और मौके से फरार हो गए। यह पूरी गतिविधि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद पाई गई है। पुलिस की शुरुआती छानबीन में वारदात के दौरान लगभग सात अपराधियों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। सभी अपराधियों ने अपने चेहरों को गमछे से पूरी तरह ढका हुआ था।
चार टीमें कर रहीं जांच
वारदा की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआइटी) का गठन किया गया है। मामले की तफ्तीश में चार अलग-अलग टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। नगर थाना के करीब आधा दर्जन पुलिस अधिकारियों के अलावा जिले के विभिन्न थानों के थाना प्रभारी, पुलिस अधिकारी और तकनीकी सेल की टीम संयुक्त रूप से काम कर रही है। यह टीमें पूरे इलाके में लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगालने में लगी हैं।
4.82 लाख की नकदी गायब
चोरी की गई एटीएम मशीन में लगभग 4.82 लाख रुपये नकद होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। हालांकि, मशीन में मौजूद कुल नकदी की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए आधिकारिक स्तर पर छानबीन जारी है। पुलिस का मुख्य ध्यान अब अपराधियों की धरपकड़ के साथ-साथ चोरी गई पूरी मशीन और पूरी नकद राशि को बरामद करने पर केंद्रित है।