देवघर के सारवां थाना क्षेत्र में कुख्यात अपराधी अनिल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसका शव देवपहरी गांव के पास पहाड़ी की झाड़ियों में मिला। पहचान छिपाने के लिए चेहरा बुरी तरह कुचल दिया गया था। पुलिस ने हाथ पर बने विशेष टैटू, आधार कार्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसकी पहचान की, जबकि पुष्टि के लिए डीएनए जांच भी कराई जा रही है।
झारखंड के संताल परगना क्षेत्र का कुख्यात अपराधी अनिल सिंह देवघर जिले के सारवां थाना क्षेत्र अंतर्गत देवपहरी गांव के पास पहाड़ी की झाड़ियों में मृत मिला। अपराधियों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी और पहचान छिपाने की नीयत से उसका चेहरा बुरी तरह कुचल दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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विशेष टैटू से पुलिस ने की पहचान
पुलिस को मृतक की जेब से आधार कार्ड और छह जिंदा कारतूस मिले। घटनास्थल से लगभग 100 मीटर की दूरी पर सफेद रंग की मोटरसाइकिल भी बरामद हुई, जो अनिल सिंह की मां के नाम पर पंजीकृत है। अनिल के हाथ पर बने विशेष टैटू से पुलिस ने उसकी शुरुआती पहचान की, जिसकी पुष्टि बाद में उसकी बहन ने की। चेहरा बुरी तरह क्षत-विक्षत होने के कारण पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए दुमका मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। संदेह को दूर करने के लिए पुलिस डीएनए जांच की प्रक्रिया भी पूरी कर रही है। प्राथमिक अनुमान के अनुसार, बदबूदार शव मिलने से यह संभावना जताई जा रही है कि हत्या दो से तीन दिन पहले की गई थी।
अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह का सरगना
मोहनपुर थाना क्षेत्र के सिरसा गांव का निवासी अनिल सिंह लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। वह अंतरराज्यीय ज्वेलरी लूटकांड गिरोह का संचालन करता था। अनिल सिंह ने देवघर, गोड्डा, जामताड़ा, दुमका, बोकारो और पाकुड़ के अलावा पड़ोसी राज्य बिहार के बांका जिले और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में आपराधिक गिरोह का विस्तार कर रखा था।
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अनिल सिंह मुख्य रूप से आभूषण की दुकानों में डकैती और लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देता था। गिरोह में वह खुद सबसे सटीक निशानेबाज माना जाता था और वारदात के दौरान गोली चलाने में जरा भी संकोच नहीं करता था। वर्ष 2023 में मोहनपुर थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था, लेकिन जेल से बाहर आते ही वह फिर से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हो गया था।
हत्या के पीछे का रहस्य गहराया
देवघर और गोड्डा पुलिस अनिल सिंह की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। पुलिस से बचने के लिए वह पिछले कुछ दिनों से सारवां की इस पहाड़ी पर झाड़ियों के बीच छुपकर रह रहा था और रात में वहीं सोता था। पुलिस अब इस बिंदु पर अनुसंधान कर रही है कि अनिल सिंह के साथ पहाड़ी पर और कौन लोग मौजूद थे तथा उसकी हत्या किस रंजिश में की गई। गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश बढ़ा दी है।