झारखंड में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के बीच डीजीपी अनुराग गुप्ता ने बड़ा दावा किया है। डीजीपी ने कहा कि अधिकांश आपराधिक साजिशें जेलों के अंदर रची जा रही हैं। गिरोहों की मदद से अपराध को अंजाम दिया जा रहा है। मौजूदा समय में तीन गिरोह जेल के अंदर से काम कर रहे हैं।
झारखंड में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के बीच डीजीपी अनुराग गुप्ता ने बड़ा दावा किया है। डीजीपी ने कहा कि अधिकांश आपराधिक साजिशें जेलों के अंदर रची जा रही हैं। गिरोहों की मदद से अपराध को अंजाम दिया जा रहा है। मौजूदा समय में तीन गिरोह जेल के अंदर से काम कर रहे हैं। विधानसभा में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा विधायकों के हंगामे के बाद डीजीपी गुप्ता ने कहा कि संगठित आपराधिक गिरोहों पर नकेल कसने के लिए झारखंड आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) को तैनात किया गया है। राज्य की जेलों में छापेमारी की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि जेल के अंदर ज्यादातर अपराध की साजिशें रची जा रही हैं और अपराधी गिरोहों की मदद से उसे अंजाम दिया जा रहा है। मैंने एसपी और एटीएस को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111 के तहत संगठित अपराधों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। डीजीपी ने कहा कि जेलों के अंदर इन गतिविधियों को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं और लगातार छापेमारी की जा रही है।
डीजीपी ने कहा कि कल सिमडेगा जेल में छापेमारी की गई और आज हजारीबाग जेल में छापेमारी की गई। तीन गैंगस्टर- विकास तिवारी, अमन श्रीवास्तव और अमन साओ जेल के अंदर से अपना काम कर रहे हैं। रविवार को अमन साओ गिरोह के 30 सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और उन्हें जल्द ही जेल भेज दिया जाएगा।
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डीजीपी ने कहा कि अपराधी वर्चुअल नंबर बनाते हैं और विदेशी नंबरों से कॉल करते हैं। हमारे पास कुछ तकनीकी सीमाएं हैं। लेकिन, हमने इनको दूर कर लिया है। इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान कर ली है। उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
एनटीपीसी अधिकारी की हत्या की जांच कर रही एसआईटी
एनटीपीसी अधिकारी की हत्या के मामले में डीजीपी ने कहा कि एसआईटी मामले की जांच कर रही है। हालांकि हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। डीजीपी ने कहा कि हाल ही में दो बड़ी घटनाएं हुई हैं। रांची में गोलीबारी की घटना और हजारीबाग में एनटीपीसी के उप महाप्रबंधक की हत्या। रांची मामले में सभी अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें ट्रैक कर लिया गया है। उम्मीद है कि दो से तीन दिनों के भीतर उन्हें पकड़ लिया जाएगा। हजारीबाग मामले में हमें अभी भी हत्या के पीछे के कारण की जानकारी नहीं मिली है। एक एसआईटी का गठन किया गया है और हम जांच कर रहे हैं। अपराधियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।