झारखंड में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने बड़ी कार्रवाई की है। चरही थाना क्षेत्र के 15 माइल के पास स्थित इंद्रा गांव में सीआईएसएफ की एनटीपीसी-सीएमपी इकाई ने छापेमारी कर 156.140 मीट्रिक टन कोयला बरामद किया। मौके से अवैध रूप से संचालित दो वे-ब्रिज भी जब्त किए गए। करीब सात घंटे चले इस अभियान के बाद इलाके में अवैध कोयला कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।
गुप्त सूचना पर इंद्रा गांव में सात घंटे तक छापेमारी
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की टीम को सूचना मिली थी कि इंद्रा गांव में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से कोयला जमा किया गया है। इसके बाद विशेष अभियान चलाया गया, जो लगभग सात घंटे तक जारी रहा। कार्रवाई का निर्देशन उप कमांडेंट सुरेश जी. ने किया, जबकि सहायक कमांडेंट संजीव कुमार मीणा की मौजूदगी में छापेमारी पूरी की गई। जांच के दौरान खुले स्थान पर बड़ी मात्रा में कोयला जमा मिला।
छह हाइवा से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया कोयला
कार्रवाई के दौरान जब्त 156.140 मीट्रिक टन कोयले को सुरक्षित स्थान और संबंधित कोयला खनन परियोजना के कांटा घर तक पहुंचाने के लिए छह हाइवा वाहनों का इस्तेमाल किया गया। CISF जवानों की निगरानी में कोयले को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया गया। इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध कोयले के भंडारण और परिवहन से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाना बताया गया।
कोयले के वजन और परिवहन में इस्तेमाल होने वाले दो वे-ब्रिज जब्त
छापेमारी के दौरान मौके पर गैरकानूनी तरीके से चलाए जा रहे दो वे-ब्रिज भी मिले। सुरक्षा बल ने इन्हें जब्त कर लिया। वे-ब्रिज का इस्तेमाल वाहनों में लदे माल का वजन करने के लिए किया जाता है। ऐसे उपकरणों की जब्ती को अवैध कोयला भंडारण और ढुलाई से जुड़ी गतिविधियों पर अंकुश लगाने की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
ग्रामीणों से मिली जानकारी ने अभियान को बनाया सफल
सीआईएसएफ अधिकारियों के अनुसार, अभियान की सफलता में स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी और उनके सहयोग की अहम भूमिका रही। ग्रामीण क्षेत्र में अवैध खनन, कोयला भंडारण और ढुलाई से जुड़ी गतिविधियों के बारे में सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी देते रहते हैं। सुरक्षा बल और स्थानीय लोगों के बीच बेहतर समन्वय से इस तरह की कार्रवाई को प्रभावी बनाने में मदद मिली।