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हिंदू बनकर नेशनल शूटर तारा शाहदेव से शादी करने वाले रकीबुल हसन सहित पांच के खिलाफ आरोप तय

Sat, 27 Jul 2019 03:58 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
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tara shahdev (फाइल फोटो) - फोटो : social media
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राष्ट्रीय निशानेबाज तारा शाहदेव से जुड़े चर्चित मामले में गढ़वा के तत्कालीन प्रधान न्यायायुक्त पंकज श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त), गया सिविल कोर्ट के तत्कालीन न्यायिक दंडाधिकारी राजेश प्रसाद, मुख्य आरोपी रंजीत सिंह कोहली, उसकी मां कौशल रानी और कोहली के दोस्त रोहित रमन के खिलाफ शुक्रवार को सीबीआई के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी अजय कुमार गुड़िया की अदालत में आरोप तय कर दिये गये। 

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पांचों आरोपी आज अदालत में उपस्थित हुए थे। न्यायाधीश ने आरोपियों को उनके खिलाफ लगे आरोपों को पढ़कर सुनाया। आरोपियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इंकार किया। अदालत ने मामले में गवाही की प्रक्रिया शुरू करने के लिए 23 अगस्त की तिथि निर्धारित की है।

इस मामले में एक अन्य आरोपी सिपाही अजय कुमार अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। अजय कुमार की ओर से अदालत में आवेदन दिया गया था कि उसने हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन दायर किया है। इस पर कभी भी सुनवाई हो सकती है अतः उसे समय दिया जाये। अदालत ने अजय कुमार को समय नहीं दिया और उसकी फाइल अलग करने का निर्देश दिया।
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मामले में आरोपियों के खिलाफ अदालत ने आईपीसी की धारा 120 बी और 212 (आपराधिक षडयंत्र रचने और आरोपी को भागने में मदद देने) के मामले में आरोप तय किये।

तारा शाहदेव के धर्म परिवर्तन और प्रताड़ना मामले में आरोपी रकीबुल हसन को गया सिविल कोर्ट के न्यायिक दंडाधिकारी राजेश प्रसाद, पूर्व जज पंकज श्रीवास्तव, सिपाही अजय सिंह सहित अन्य ने भगाने में सहयोग किया था। इस मामले में हंगामा होने और तारा शाहदेव के बार-बार के अनुरोध पर 2014 में हिंदपीढ़ी थाना में मामला दर्ज किया गया था। सीबीआई को यह मामला 2015 में सौंपा गया।

तारा शाहदेव ने 2014 में रंजीत कोहली (रकीबुल हसन) से शादी की थी। पुलिस को दिए बयान के अनुसार शादी के कुछ दिन बाद से ही उस पर अत्याचार होने लगे। तारा को कुछ दिन बाद पता चला कि उसके पति का नाम रंजीत सिंह भी नहीं है। तारा का आरोप है कि उसके साथ मारपीट होती थी और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जाता था।

एक दिन वह घर से भागने में सफल हो गई और फिर मामला सामने आया। जैसे-जैसे तफ्तीश आगे बढ़ी, बड़े-बड़े नाम सामने आने लगे। मामला तूल पकड़ने के बाद सीबीआई ने साल 2015 में इस केस की जांच शुरू की थी। तारा आज भी मामले में गवाही के लिए कोर्ट जाती हैं। 
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