रांची के नगड़ी स्थित रिम्स-2 निर्माण को लेकर विवाद गहराया। भारी सुरक्षा के बावजूद आदिवासियों ने विवादित भूमि पर हल चलाकर धान की रोपनी की। आंदोलन का नेतृत्व करने वाले पूर्व सीएम चंपई सोरेन को पुलिस ने घर से गिरफ्तार कर लिया।
राजधानी रांची के नगड़ी स्थित रिम्स-2 निर्माण को लेकर विवाद और गहरा गया है। रविवार को भारी सुरक्षा के बीच स्थानीय आदिवासियों ने विवादित जमीन पर हल चलाया और धान की रोपनी की। इस बीच अभियान के अगुवा और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को पुलिस ने उनके घर से गिरफ्तार कर लिया, जिससे वे सीधे तौर पर आंदोलन में शामिल नहीं हो सके।
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शाम को अपने मोरहाबादी स्थित आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए चंपई सोरेन ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा – “जब-जब आदिवासियों को उजाड़कर विकास करने की कोशिश होगी, चंपई सोरेन हर जगह खड़ा होगा। चाहे कोई कुछ भी कहे, मैं आदिवासियों की जमीन की रक्षा करूंगा।”
सोरेन ने दावा किया कि नगड़ी की जमीन खेती योग्य है, जहां साल में तीन बार फसल उगाई जा सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि वहां रिम्स-2 का निर्माण होगा तो किसान परिवार कहां जाएंगे। पूर्व सीएम ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस कभी भी आदिवासियों का विकास नहीं चाहती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीतियां आदिवासियों को झारखंड से उजाड़ने और उनकी जमीन हड़पने की ओर इशारा करती हैं। सोरेन ने साफ कहा कि वे और उनकी टीम किसी भी कीमत पर आदिवासियों की जमीन की रक्षा करेंगे और इसके लिए आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।