झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि मैट्रिक और इंटरमीडिएट पास करने वाले आदिवासी छात्रों को सरकार लैपटॉप देगी। उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक मदद भी मुहैया कराएगी।
शुक्रवार को विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं की। हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के 32 हजार गांवों में से 12 हजार जनजातीय गांव हैं। लेकिन, विकास की मौजूदा व्यवस्था से जनजातीय समाज को सही लाभ नहीं मिल रहा।
पंचायत सेवकों व बीडीओ के जरिए चलाई जा रही योजनाएं कारगर साबित नहीं हो रहीं। सरकार इसे बदलेगी। खाता-बही वाली योजनाओं पर भी उन्हें विश्वास नहीं है। उसका वास्तविक लाभ क्या हुआ, और आदिवासी समाज कितना स्वावलंबी बना, वे इस पर भरोसा करते हैं।
उन्होंने कहा कि सीमित संसाधन में आदिवासी समाज के जिन बच्चों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का नाम रोशन किया है, वे इसका उदाहरण हैं। योजनाएं बहुत बनती हैं। बजट भी बड़ा होता है। पर उसका लाभ जनजातीय समाज को नहीं मिल पाता। यह कार्यक्रम उसी दिशा में उठाया गया पहला कदम है।
जब हेमंत से पूछा गया कि क्या उनकी लैपटॉप योजना का लाभ केवल आदिवासी छात्रों को ही मिलेगा, उन्होंने स्पष्ट किया कि भाषण में उनका तात्पर्य यह था कि जनजातीय समुदाय के मेधावी छात्रों को सरकार लैपटॉप देगी।