जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर इलाके में हुई सांप्रदायिक हिंसा की जांच भाजपा कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय जांच एजेंसियों से कराने की मांग की। भाजपा के झारखंड के पूर्व अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी के नेतृत्व में दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रांची में राज्यपाल से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से सांप्रदायिक हिंसा की सीबीआई या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से जांच कराने का आदेश देना का आग्रह किया। उन्होंने राज्यपाल से हिंसा के मामले में गिरफ्तार भाजपा और विहिप कार्यकर्ताओं को रिहा करने का भी आग्रह किया। भाजपा नेताओं ने राज्यपाल को हिंसा के बारे में अवगत कराया और कहा कि अनियंत्रित भीड़ ने जटाधारी शिव मंदिर पर ईंट-पत्थर मारे और हिंसा भड़काई।
भाजपा ने दावा किया कि गिरफ्तार नेताओं में धनबाद पार्टी प्रभारी एवं पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष अभय सिंह और जिला समिति के उपाध्यक्ष सुधांशु ओझा का हिंसा से कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा ने हिंसा प्रभावित क्षेत्र में अनियंत्रित भीड़ द्वारा भारी मात्रा में पत्थर और ईंट जमा करने की जांच की भी मांग की। गोस्वामी के अलावा, पार्टी के महासचिव प्रदीप वर्मा, भाजपा कार्यकारी समिति के सदस्य जेबी तुबिद, लक्ष्मण प्रसाद सिंह, पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू और भाजपा के कदमा मंडल अध्यक्ष राजेश सिंह सहित अन्य मौजूद थे।
यह हुई थी घटना
झारखंड के जमशेदपुर में एक धार्मिक झंडे के कथित अपमान को लेकर 31 मार्च और 9 अप्रैल को दो गुटों में हिंसक झड़प हुई थी। 31 मार्च को रामनवमी पर जमकर हिंसा हुई थी। जमशेदपुर के हल्दीपोखर में रामनवमी पर जमकर पथराव हुआ था। लोग रामनवमी का जुलूस निकाल रहे थे। जब जुलूस जुगसलाई पहुंचा तो कुछ लोगों ने विरोध करते हुए जुलूस पर पथराव शुरू कर दिया था। इस घटना से गुस्साए लोगों ने बाटा चौक में हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया था। शास्त्रीनगर में हुई हिंसक झड़प के दौरान उपद्रवियों ने जमकर पथराव किया। साथ ही कई दुकानों और एक ऑटो-रिक्शा में आग लगा दी थी।