झारखंड में भाजपा और झामुमो के बीच 28-28 महिने के मुख्यमंत्री पद के विवाद को लेकर तनातनी बढ़ती जा रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भाजपा नेताओं के तीखे बयानों पर नाराजगी दिखाई।
हेमंत सोरेन ने आक्रामक हो कर कहा कि झामुमो हमेशा चुनाव के लिए तैयार है। भाजपा बार-बार हमें राष्ट्रपति शासन का डर न दिखाये। अगर उसे लगता है कि हम साथ नहीं चल सकते तो वह सरकार से हट जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने एक गलती पर चंद घंटों में फैसला ले लिया था, लेकिन अब उसे निर्णय करने में देरी हो रही है।
झामुमो नेता का इशारा साल 2010 की घटना की ओर था, जब शिबू सोरेन के यूपीए के समर्थन में वोट देने के बाद प्रदेश में सत्ता की अदलाबदली की गई थी। हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारे पास विकल्प खुले हैं। जहां तक फार्मूले की बात है तो गुरूजी (शिबू सोरेन) के साथ बातचीत हो गई है। वे हमारे प्रमुख हैं और उनके आदेश पर हम कोई भी फैसला ले सकते हैं।