भाजपा नेताओं ने कैलाशपति मिश्र की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि
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भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और संगठन के प्रणेता पंडित कैलाशपति मिश्र की जयंती पर रविवार को राजधानी रांची के बिरसा चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश महामंत्री बालमुकुंद सहाय, महानगर अध्यक्ष कुणाल शंकर, पूर्व विधायक सी. पी. सिंह, वरिष्ठ नेता संजीव विजयवर्गीय, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष आरती साहू सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सभी नेताओं ने कैलाशपति मिश्र की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके योगदान को याद किया। श्रद्धांजलि के दौरान माहौल भावुक हो गया। कार्यकर्ताओं ने ‘कैलाशपति मिश्र अमर रहें’ और ‘उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराएं’ जैसे नारों से वातावरण गुंजायमान कर दिया। नेताओं ने कहा कि कैलाशपति मिश्र न केवल एक कुशल राजनेता थे, बल्कि संगठन के सच्चे साधक और विचारक भी थे। वे हमेशा आदर्श जीवन और नैतिक राजनीति के प्रतीक बने रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “कैलाशपति मिश्र उन नेताओं में थे जिन्होंने संघ काल से संगठन के निर्माण में योगदान दिया। बिहार में भाजपा की स्थापना में उनका अभूतपूर्व योगदान रहा, साथ ही झारखंड में संगठन को खड़ा करने में भी उन्होंने निर्णायक भूमिका निभाई। राज्य का शायद ही कोई ऐसा कोना हो जहां वे कार्यकर्ताओं से मिलने न गए हों। मेरे लिए गर्व की बात है कि मुझे भाजपा में लाने वाले स्वर्गीय कैलाशपति मिश्र ही थे। उन्होंने मुझे गुरु की तरह राजनीति और जनसेवा की सीख दी।”
प्रदेश भाजपा कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा, “कैलाशपति मिश्र के योगदान को शब्दों में बयान करना आसान नहीं है। उन्होंने संगठन को खून-पसीने से सींचा। उनके आदर्श और निष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणा हैं। जिस विचारधारा को लेकर उन्होंने जीवन जिया, वही आज भाजपा की आत्मा बनी हुई है।”
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संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा, “कैलाशपति मिश्र हमेशा कार्यकर्ताओं से जुड़कर काम करने पर जोर देते थे। वे मानते थे कि पार्टी का असली बल उसके कार्यकर्ता हैं। आज जब हम संगठन को और मजबूत बना रहे हैं, उनकी शिक्षाएं हमारे मार्गदर्शक हैं।”
कार्यक्रम में नेताओं ने कैलाशपति मिश्र के जीवन से जुड़े प्रसंगों को भी साझा किया। बताया गया कि वे अत्यंत सरल, सहज और अनुशासित जीवन जीने वाले व्यक्ति थे। उनके लिए संगठन ही परिवार था और कार्यकर्ता उनके अपने लोग थे। श्रद्धांजलि सभा के अंत में सभी नेताओं ने उनके आदर्शों पर चलने और संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया।