बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा अब किसी भी दिन हो सकती है। आचार संहिता लागू होने से पहले इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे पर मंथन तेज हो गया है। इसी कड़ी में 6 अक्टूबर को पटना में गठबंधन की अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें सभी प्रमुख दलों के शीर्ष नेता शामिल होंगे।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और पार्टी के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद पांडेय को बैठक में शामिल होने की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों नेता शनिवार को पटना रवाना हो चुके हैं।
सीट शेयरिंग पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा
झामुमो और आरजेडी के रिश्तों को और मजबूत किया था
पिछले दिनों पटना में राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार रैली’ में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी ने झामुमो और आरजेडी के रिश्तों को और मजबूत किया था। उस दौरान सोरेन ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से भी शिष्टाचार भेंट की थी। भले ही सीट बंटवारे पर औपचारिक चर्चा नहीं हुई थी, लेकिन दोनों नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव एकजुट होकर लड़ने की प्रतिबद्धता जताई थी।
सूत्रों के अनुसार, झामुमो बिहार के सीमावर्ती जिलों में अपने संगठन और जनाधार को मजबूत मानता है और इस बार गठबंधन के भीतर कम से कम 12 विधानसभा सीटों पर दावा करने की तैयारी कर रहा है। जिन सीटों पर पार्टी का विशेष दावा बताया जा रहा है, उनमें तारापुर, कटोरिया, मनिहारी, झाझा, बांका, ठाकुरगंज, रूपौली, रामपुर, बनमनखी, जमालपुर, पीरपैंती और चकाई शामिल हैं।
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इस बार की बैठक में तय होगा कि झामुमो को बिहार में कितनी सीटें मिलती हैं। पिछली बार के विधानसभा चुनाव में पार्टी की मांग आरजेडी से पूरी नहीं हो पाई थी। इस बार गठबंधन की एकजुटता और सीट समन्वय ही बिहार में इंडिया गठबंधन की ताकत साबित हो सकता है।