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संताली-उरांव आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देगी असम सरकार, रघुवर से लोगों ने पूछा सवाल

Thu, 14 Dec 2017 05:55 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला
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लोक नृत्य करते संथाल आदिवासी
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असम की सरकार झारखंड के संताल और उरांव आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देगी। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने यह जानकारी देते हुए असम के सीएम को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया ट्विटर पर इस बारे में लोगों को सूचित किया और बधाई दी। 
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  झारखण्ड के संताल और उरांव आदिवासी जो पिछले 100 साल से अधिक समय से असम में रह रहे हैं या काम कर रहे हैं, उन्हें जल्द ही असम के अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त होगा। आज असम सरकार के मुख्य सचिव से मुलाकात में जानकारी मिली कि इसके लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। — Raghubar Das (@dasraghubar) December 13, 2017

सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री की इस सूचना पर लोगों ने खुशी जताई और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। लेकिन कई ऐसे भी थे मुख्यमंत्री से कई सवाल पूछे। ट्विटर पर जगन्नाथ महतो नाम के एक यूजर ने मुख्यमंत्री से पूछा, 'असम सरकार ने एसटी का दर्जा दिया है, तो आप क्यों सीना चौड़ा कर रहे हैं।' 
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  असम सरकार कर रही है .. आप क्यों सीना चौड़ा कर रहे हो । आप तो  झारखंडियों की जमीन छीनने में लगे रहो और नौकरियॉं बाहरियों में बॉंटते रहो । — #जगन (@MahatoJagannath) December 13, 2017

एक अन्य यूजर ने सीएम से पूछा, 'छत्तीसगढ़ियों को कब आरक्षण मिलेगा। आप छत्तीसगढ़ी लोगों के लिए कब कुछ करेंगे?' 

झारखंड की राजधानी रांची में जारी एक सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया कि, 'मुख्यमंत्री रघुवर दास से गुवाहाटी में बुधवार को असम सरकार के मुख्य सचिव, कार्मिक सचिव तथा टी ट्राइब के प्रधान सचिव ने मुलाकात की। श्री दास को बताया गया कि असम सरकार ने झारखंड के मूल आदिवासी संताल और उरांव समुदाय के लोगों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने के लिए केंद्र सरकार को विधिवत प्रस्ताव भेजा है।' 

विज्ञप्ति में बताया गया है कि पिछले सौ सालों से ज्यादा समय से असम में रह रहे तथा असम के चाय बागानों में काम के लिए गए और कई पीढ़ियों से वहीं काम कर रहे इन आदिवासी समुदायों को बहुत जल्द ही असम के अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस पर प्रसन्नता प्रकट करते हुए अधिकारियों से कहा कि वे इसका क्रियान्वयन केंद्र सरकार से जल्द कराने का प्रयास जारी रखें। 
  झारखण्ड की सवा तीन करोड़ जनता की ओर से असम के माननीय मुख्यमंत्री श्री @sarbanandsonwal और असम सरकार को इस पहल के लिए धन्यवाद। — Raghubar Das (@dasraghubar) December 13, 2017
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