पूरे देश में जहां शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा था वहीं, झारखंड पुलिस के एक जवान ने अपनी पत्नी को कुल्हाड़ी से काट डाला। ऐसी ही एक घटना में एक पति ने पत्नी को केरोसिन छिड़ककर जला दिया और मरा समझ कर जंगल में फेंक दिया।
पहली घटना पश्चिम सिंहभूम जिले के गोईलकेरा की है। यहां गोईलकेरा प्रखंड के कदमडीहा गांव का वीरेंद्र सुरीन चार दिन पहले अपने गांव आया था। वह जमशेदपुर स्थित बिष्टुपुर थाने में पदस्थापित है और कोषागार की सुरक्षा में तैनात है। वीरेन्द्र को अपनी पत्नी मुक्ता सुरीन के अवैध संबंध होने का संदेह था। उसे यह भी शक था कि दोनों बच्चे उसकी जैविक संतान नहीं हैं।
पत्नी पर शक के कारण वीरेंद्र ने उसे जान से मार दिया। वीरवार की शाम वीरेंद्र सुरीन ने अपने घर पर 28 वर्षीय पत्नी तथा दो दोस्तों के साथ पार्टी की। रात के दस बजे उसके दोनों दोस्त घर से चले गए। उसके बाद पत्नी भी सोने चली गई। इसी बीच नशे की हालत में वीरेन्द्र ने घर में रखी कुल्हाड़ी से पत्नी और दोनों बच्चों की हत्या कर दी। सुबह ग्रमीणों से जानकारी मिलने पर पुलिस ने वीरेंद्र को मौके से गिरफ्तार किया।
वहीं दूसरी ओर रामगढ़ स्थित बरकाकाना के वनजारी मंदिर के पास पति ने अपनी पत्नी को जिंदा जला दिया। जली हुई महिला को छटपटाते देख लोगों की नजर उस पर पड़ी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया गया है कि महिला के पति की दो अन्य पत्नीयां भी हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।