झारखंड की राजधानी रांची से लगभग 40 किलोमीटर दूर खूंटी जिले में स्थानीय बीजेपी सांसद करिया मुंडा के निवास पर हमला बोलकर उनके तीन अंगरक्षकों को हथियार समेत अपहृत करने वाले पत्थलगड़ी समर्थकों ने आखिरकार आज तीनों जवानों को रिहा कर दिया। ये तीनों जवान सांसद करिया मुंडा के आवास पर तैनात थे। मंगलवार को पत्थलगड़ी समर्थकों ने तीनों जवानों को अगवा किया था। करीब 72 घंटे बाद इन जवानों की रिहाई हुई है।
दरअसल पत्थलगड़ी समर्थक पुलिस द्वारा हिरासत में लिये गये अपने कुछ लोगों की रिहाई की मांग कर रहे थे और कह रहे थे कि उनकी रिहाई पर ही सांसद के अंगरक्षकों को छोड़ा जायेगा। इससे पहले पुलिस ने ग्रामीणों से अपहृत जवानों को छोड़ने की अपील की थी, लेकिन ग्रामीण इसके लिए तैयार नहीं हुए।
पुलिस के मुताबिक, इन्हीं पत्थलगड़ी समर्थकों और ईसाई मिशनरी के लोगों ने मिलकर 19 जून को खूंटी में एक ईसाई मिशनरी में नुक्कड़ नाटक कर रहे समूह की पांच युवतियों का अपहरण कर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था और अप्राकृतिक यौनाचार किया था। पुलिस ने उक्त मामले में 25 जून को मिशन के एक पादरी समेत तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया था और छह अन्य की तलाश अभी की जा रही है। जहां ईसाई मिशनरियों ने इस नृशंस कांड पर चुप्पी साध रखी है वहीं बिशप का कहना है कि पुलिस जानबूझ कर बदनीयत से उनके साथियों को फंसा रही है। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि वह बलात्कार के आरोपियों के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई कर रही है।