जिले के 34 स्कूलों की लापरवाही के चलते 186 विद्यार्थियों को राज्य मेधा छात्रवृत्ति और राज्य निर्धनता छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है। इसके लिये विद्यार्थियों के बैंक खाते नहीं खोले गये।
सरकारी सरकुलर के मुताबिक विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति का पैसा सीधे उनके बैंक खाते में जमा करना है। इसके लिये डीइओ कार्यालय ने स्कूलों को नजदीक के बैंक में विद्यार्थियों का खाता खोल कर पासबुक की फोटोकॉपी और आवेदन कार्यालय को उपलब्ध कराने के लिये कहा है।
स्कूल की तरफ से 248 विद्यार्थियों में से केवल 62 का ही बैंक खाता खोला गया है, बाकी 186 विद्यार्थियों का खाता नहीं खुला है। कार्यालय के अनुसार अगर समय रहते विद्यार्थियों को राशि नहीं मिली तो इसे वापस कर दिया जायेगा। इसकी जवाबदेही स्कूल प्रशासन की होगी।
ब्लॉक एजूकेशन ऑफिसर के माध्यम से कई बार स्कूलों को सूचना दी गई पर स्कूल प्रशासन अब तक चुप बैठा है। जल्द ही शिक्षा निदेशक को स्कूलों की लापरवाही की लिखित जानकारी कार्यालय के द्वारा दी जायेगी।