सरकार ने अन्य पिछड़ी जातियों (ओबीसी) की सूची में 15 नयी जातियों को शामिल किया है। इस संबंध में गुरुवार को सूचनापत्र जारी की गयी। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) ने आठ राज्यों असम, बिहार, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड की कुल 28 जातियों को शामिल करने का सुझाव दिया था।
इन 28 सुझावों में से सरकार ने 15 को सूची में शामिल किया जिनमें बिहार के गधेरी/इतफरोश, झारखंड के झोरा और जम्मू कश्मीर के लबाना शामिल हैं। नौ नये बदलाव या तो समानार्थी हैं या पहले से शामिल जातियों की उपजातियां। शेष चार में संशोधन किया गया है।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने एनसीबीसी के प्रस्ताव को पिछले महीने स्वीकृति दी थी। केन्द्रीय सूची में इस परिवर्तन से इन जातियों के लोगों को सभी सरकारी नौकरियों तथा केन्द्रीय शिक्षण संस्थानों में आरक्षण का लाभ मिलेगा। ये लोग विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभ तथा छात्रवृत्ति आदि के भी योग्य हो जाएंगे। इसके अलावा सरकार क्रीमी लेयर के प्रावधानों को भी आसान करने पर विचार कर रही है।