केंद्र ने झारखंड के लिए सर्व शिक्षा अभियान के बजट में 1000 करोड़ रुपए की कटौती कर दी है। यह काटौती राज्य सरकार द्वारा पिछले वर्ष की योजनाओं में कोताही करने के चलते की गई है।
मौजूदा वित्तीय वर्ष की तरह ही 2013-14 के लिए केंद्र को 2500 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन केंद्र ने केवल 1500 करोड़ रुपए ही स्वीकृत किए हैं।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के प्रोजेक्ट एप्रूवल बोर्ड (पैब) ने इसका कारण पिछले वर्ष योजनाओं के लिये पूरी राशि का इस्तेमाल न होना बताया है। गत वर्ष बजट का लगभग 52 फीसदी हिस्सा ही अभी तक खर्च हो पाया है। पैब ने राज्य द्वारा आवंटित राशि का सही इस्तेमाल न करने पर गंभीर आपत्ति जताई है।
बजट कम होने से राज्य में शिक्षा अभियान को नुकसान पहुंचेगा। नए वित्तीय वर्ष में एक भी नई योजना शुरू नहीं की जा सकेगी। इससे नये शिक्षकों की बहाली, नए स्कूल व पोशाक राशि जैसे कई कर्यों में बाधा पहुंच सकती है। राष्ट्रीय बालिका प्रारंभिक शिक्षा कार्यक्रम (एनपीजीएल) में इस वर्ष राशि आवंटित नहीं हुई है।