युवा राजपूत सभा के लंबे समय से जारी आंदोलन ने आखिर रंग लाया। 23 सितंबर को महाराजा हरि सिंह की जयंती पर सरकारी अवकाश घोषित करने की मांग पर सरकार को सहमति जतानी पड़ी। इसका युवा राजपूत सभा ने ढोल-नगाड़ों से स्वागत किया है। उधर, महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा के पास देर शाम तक जश्न भी मनाया गया।
महाराजा हरि सिंह की जयंती पर सरकारी अवकाश की मांग पर वीरवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सहमति जताई। सभा के सदस्य बिक्रमीत सिंह ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह, सांसद जुगल किशोर और प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रविंद्र रैना सहित अन्य की उपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल से मुलाकात की।
इस पर उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के साथ उन्होंने इस विषय में बात की थी। बिक्रमजीत सिंह सहित अन्य ने कहा कि वह लंबे समय से महाराजा की जयंती पर अकाश घोषित करने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब उनकी मांग पूरी कर दी है।
सभा की मांग का कई संगठनों ने किया था समर्थन
युवा राजपूत सभा की मांग का चैंबर, करणी सेना, डोगरा सदर सभा, महाजन सभा, डोगरा ब्राह्मण प्रतिनिधि सभा, ऑल एससी-एसटी कंफेडरेशन आदि ने समर्थन किया था। बीते दिनों भी सभा के प्रदर्शन में संगठनों ने सहयोग किया। तवी पुल पर 144 लागू होने के बावजूद जीजीएम साइंस कॉलेज जम्मू और एमएएम कॉलेज जम्मू के छात्रों ने अवकाश के लिए आंदोलन किया था। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से लोग शामिल हुए थे।
बहुत पहले हो जानी चाहिए थी घोषणा
कई साल से महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश की मांग कर रहे थे। सरकार की ओर से अवकाश पर सहमति स्वागत योग्य कदम है। हालांकि इसकी घोषणा काफी पहले हो जानी चाहिए थी। महाराजा हरि सिंह ने जम्मू-कश्मीर को भारत के साथ जोड़ा। उन्होंने हर क्षेत्र में बदलाव लाया था। शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनका विशेष योगदान रहा है। - प्रताप सिंह जम्वाल, राज्य प्रवक्ता, आप
जम्मू-कश्मीर के लोगों की मांग पूरी हुई
नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता ने महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश घोषित करने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह जम्मू-कश्मीर के लोगों की मांग थी, जिसे पूरा किया गया है।
जम्मू वासियों की लंबित मांग को किया पूरा
कांग्रेस नेता कपिल सिंह ने कहा कि महाराजा हरि सिंह की जयंती पर छुट्टी घोषित करके जम्मू वासियों की लंबित मांग को पूरा किया गया है। महाराजा हरि सिंह ने सड़कों, पुलों, मंदिरों, अस्पतालों, पुस्तकालयों, स्कूलों, कालेजों सहित कई अन्य बुनियादी ढांचों के निर्माण कराए। वह एक समाज सुधारक थे। उन्होंने बाल विवाह प्रथा पर रोक लगाई।
उनके समय में विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा दिया गया। किसानों को प्रोत्साहित करने के साथ सशक्त बनाया। इस अवकाश को घोषित करवाने के लिए युवा राजपूत सभा, बार एसोसिएशन जम्मू आदि ने सहयोग किया। उम्मीद है कि सरकार भविष्य में इस छुट्टी को आधिकारिक रूप से मनाएगी और पाठ्य पुस्तकों में महाराजा हरि सिंह के जीवन का एक अध्याय शामिल किया जाएगा।