अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में बिना बुनियादी सुविधाओं के नए स्वास्थ्य भवनों को शुरू किया जा रहा है। इसकी एक मिसाल बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल है, जहां आधुनिक एक्सरे मशीन नहीं होने के कारण स्पाइन आदि एक्सरे के लिए मरीजों को जीएमसी जाना पड़ रहा है। यानी इलाज से पहले ही दर्द और बढ़ गया है। आर्थो विभाग में एक्सरे मशीन की मुख्य भूमिका रहती है, क्योंकि 90 प्रतिशत मामलों में प्राथमिक उपचार देने से पहले एक्सरे की जरूरत पड़ती है। मगर दो अस्पतालों में चक्कर काटने से आर्थो मरीजों की दिक्कतें बढ़ रही हैं।
बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल में दो माह पहले ओपीडी के साथ सीमित इंडोर सेवा शुरू की गई थी। एक पोर्टल एक्सरे स्थापित किया गया, लेकिन इसमें छोटे एक्सरे ही निकाले जा सकते हैं, जबकि स्पाइन और दूसरे महत्वपूर्ण एक्सरे के लिए मरीजों को जीएमसी जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वहां भी परेशानियां हाथ लगती हैं, क्योंकि संभाग स्तर पर मरीजों को दबाव रहता है, जिससे बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल से आने वाले मरीजों को बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है और फिर उन्हें दोबारा अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने जाना पड़ रहा है। अस्पताल में सामान्य 300 की आर्थो ओपीडी में 100 मरीजों को एक्सरे की जरूरत पड़ रही है। यही नहीं, अस्पताल में इलेक्टिव सर्जरी भी शुरू नहीं हो पाई।
ओपीडी कहीं, एक्सरे कहीं
बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल से जीएमसी में एक्सरे के लिए जा रहे मरीज बारामुला बेगन निवासी दोस्त मोहम्मद ने कहा कि घुटने में दर्द है। एक्सरे करवाने के लिए डॉक्टर ने जीएमसी में भेजा है। बुजुर्ग हूं और दो अस्पतालों के चक्कर काट कर मुश्किल हो रही है। सरकार को एक्सरे की सुविधा देनी चाहिए। इसी तरह मरीज के साथ पहुंचीं श्रीनगर की बख्ती ने बताया कि जीएमसी से एक्सरे करवाने के लिए कहा है। ऐसे स्वास्थ्य भवनों को शुरू करने से पहले जरूरी बुनियादी सुविधाएं जुटाई जानी चाहिए, ताकि परेशानी न हो। मरीज के साथ आए डोडा के बागवान निवासी गुलाम नबी ने कहा कि यहां डॉक्टर नहीं मिला। सभी एक्सरे जीएमसी में करवाए थे।
एक ही छत में चिकित्सा जांच हो
मरीज के साथ आए डोडा निवासी रेयाज अहमद ने कहा कि एक्सरे के लिए जीएमसी जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल में ही चिकित्सा जांच और एक्सरे की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। कमर दर्द की शिकायत लेकर आए फ्लांय मंडाल निवासी सिंधा राम ने कहा कि जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें एक्सरे के लिए जीएमसी में लिख कर भेज दिया। आर्थो मरीज पहले से ही दर्द से परेशान होते हैं, ऐसे में भारी ट्रैफिक में सड़क पार कर जीएमसी तक जाना और वापस आना चुनौती से कम नहीं है। खासतौर पर जिन मरीजों के पास आने-जाने का कोई साधन नहीं होता।
बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल में नए एक्सरे प्लांट को शीघ्र स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद मरीजों को एक ही जगह सारी सुविधाएं मिल जाएंगी। कोशिश की जा रही है कि इलेक्टिव सर्जरी को जल्द शुरू कर दिया जाए।
-डॉ. आशुतोष गुप्ता, प्रिंसिपल, जीएमसी