जम्मू। महिला सशक्तीकरण के लिए सात दिवसीय महिला व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का रविवार को समापन हुआ। कार्यशाला में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से महिलाओं ने भाग लिया और जीवन में व्यक्तित्व विकास के महत्व को समझा।
जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी ने यह कार्यशाला करवाई। इसमें महिलाओं ने संगीत, नृत्य और रंगमंच के बारे में जाना। साथ ही योग व ध्यान की मदद से बिना तनावग्रस्त जीवन की चुनौतियों का सामना करने के गुर सीखे। अकादमी के सचिव भरत सिंह ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां भविष्य में भी करवाई जाएंगी। इसे मंच तनाव को दूर करने के लिए एक औषधि का काम करते हैं। महिलाओं ने विभिन्न योग आसनों के अलावा संगीत, डोगरी नृत्य, लघु नाटक की शानदार प्रस्तुतियां दीं। व्याख्यान और प्रशिक्षण देने वाले प्रमुख विशेषज्ञों में डॉ. जसमीत कौर, डॉ. कमल शर्मा, एमएस सुषमा गुप्ता, एमएस सबा, एडवोकेट सुप्रिया चौहान, डॉ. सुमिता भट्ट और डॉ. सुधीर महाजन थे। प्रतिभागियों में उजाला सुल्तान, रशप्रीत कौर, ऊर्जा सिंह, राबिया शर्मा, अतिंदर कौर, आरती सम्याल, आराधना जमवाल, कुलजीत कौर, संदीप कौर, ललिता शर्मा, सुनीता मन्हास, कुलवीर कौर, आदि शामिल थीं। रुचि गुप्ता, प्रिया देवी, सूक्षम गुलेरिया, दीक्षा वैद को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशंसा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। ब्यूरो