PHE Employee Protest Jammu (File)
- फोटो : संजय कुमार
आधे वेतन पर जम्मू-कश्मीर में काम कर रहे एक लाख अस्थायी कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन अधिनियम का लाभ देने की आवाज सरकार के दरबार तक पहुंच चुकी है। अगले सप्ताह न्यूनतम वेतन अधिनियम सलाहकार बोर्ड की बैठक बुलाने की तैयारी भी सरकार स्तर पर चल रही है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के सलाहकार राजीव राय भटनागर की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक होगी। सलाहकार बोर्ड में वित्त विभाग के प्रशासनिक सचिव के अलावा सड़क एवं भवन निर्माण विभाग के प्रशासनिक सचिव, श्रम और रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव, जम्मू कश्मीर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रतिनिधि, चैंबर आफ कामर्स के प्रतिनिधि, फेडरेशन आफ इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि, भारतीय मजदूर संघ और आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। बोर्ड जम्मू कश्मीर में न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत न्यूनतम दिहाड़ी और न्यूनतम वेतन की समीक्षा कर अपनी सिफारिश सरकार को भेजेगा।
न्यूनतम वेतन अधिनियम की समीक्षा के लिए न्यूनतम वेतन अधिनियम सलाहकार बोर्ड की बैठक का इंतजार किया जा रहा है। बैठक के बाद बोर्ड की सिफारिशों के बाद कर्मचारी अगली रणनीति तय करेंगे।
- बाबू हुसैन, अध्यक्ष, जम्मू-कश्मीर इंप्लाइज ज्वाइंट एक्शन कमेटी।