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Jammu News: शराब की दुकान के खिलाफ सड़क पर उतरीं महिलाएं

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बिश्नाह। बिश्नाह क्षेत्र की पंचायत करयाल ब्राह्मणा के गांव बंदराली में कुछ दिन पूर्व स्थानीय ग्राम वासियों की ओर से द्वारा शराब की दुकान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए शराब की दुकान में तोड़फोड़ की गई थी। इसके बाद गांव बंदराली में शराब की दुकान को बंद कर दिया गया था। एक बार फिर पंचायत करयाल ब्राह्मण के लोग सड़कों पर उतर कर शराब की दुकान का विरोध कर रहे हैं। यह प्रदर्शन गांव कादरे चक में खोली गई शराब की दुकान को लेकर है। गांव वासियों द्वारा लगातार तीसरे दिन वीरवार को भी शराब की दुकान के खिलाफ मुख्य सड़क बंद कर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में पंचायत कनहाल के सरपंच एवं जम्मू कश्मीर पंचायत सम्मेलन के उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, भाजपा वरिष्ठ नेता राकेश पंत, करयाल ब्राह्मणा पंचायत के सरपंच अनिल शर्मा, भाजपा खैरी रेहाल मंडल प्रधान राकेश भगत सहित गांव की महिलाएं, पुरुष और बुजुर्ग शामिल हुए। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने दुकान के मालिक का घर का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। सरपंच जितेंद्र सिंह ने कहा कि बिश्नाह क्षेत्र के सभी पंचों सरपंचों ने फैसला किया है कि उनके किसी भी गांव में यूटी प्रशासन शराब की दुकान न खोले। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन को खोलना ही है तो गांव में अच्छी डिस्पेंसरी खोले। महिलाओं के लिए अच्छे रोजगार खोले। जो सरकारी जमीनें बेकार पड़ी हैं, उन पर बच्चों के लिए अच्छे खेल के मैदान खोले। उन्होंने कहा कि अगर गांव में शराब की दुकान खुलती है तो इससे बच्चों को शराब की लत लग सकती है। वहीं प्रदर्शन में शामिल भाजपा वरिष्ठ नेता राकेश पंत ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन एक जगह शराब की दुकान खोलता है। जब लोग विरोध करते हैं तो बंद कर देता है फिर दूसरी जगह खोलता है। आखिर प्रशासन कर क्या रहा है। उन्होंने कहा कि छेऋ में पहले से ही युवा चिट्टे की गिरफ्त में आ रहे हैं। उस पर गांव में शराब की दुकान आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इससे हालात क्या हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से किया जा रहा है। लिहाजा यूटी प्रशासन और स्थानीय प्रशासन को अपनी आंखें खोलनी चाहिए और लोगों की समस्या को आकर सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि शराब की दुकान के मामले को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। वहीं क्षेत्र की महिलाओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शराब की दुकान बंद नहीं की गई तो वे शराब की दुकान तोड़ देंगी। फिर चाहे इसके लिए उनको जेल में ही क्यों न जाना पड़े। वहीं पंचायत के सरपंच अनिल शर्मा ने कहा कि आखिर उनकी पंचायत में ही शराब की दुकान क्यों खोली जा रही है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपनी पंचायत में शराब की दुकान किसी कीमत पर नहीं खुलने देंगे।
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